नशा मुक्त भारत अभियान की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर मंगलवार को मिनी सचिवालय सहित आसपास स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशा न करने तथा देश को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की शपथ ली।
मिनी सचिवालय परिसर में नायब तहसीलदार रवि कुमार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।
उन्होंने कहा कि नशा किसी भी देश के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है। नशे की लत व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से कमजोर बनाती है और उसके परिवार को भी गहरे संकट में डाल देती है। कई बार नशे का आदी व्यक्ति अपराध की ओर भी बढ़ जाता है, जिससे समाज में अशांति फैलती है।
रवि कुमार ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की ऊर्जा और भविष्य होते हैं। यदि युवा वर्ग नशे की चपेट में आता है, तो समाज और देश की प्रगति प्रभावित होती है। इसलिए सभी का दायित्व है कि वे इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करें।
इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।