जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय परिसर में बुधवार को नशा मुक्त भारत अभियान की उपमंडल स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम संजीत सिंह ने की।
अभिभावकों को जागरुक करने पर विशेष जोर
एसडीएम ने संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं से अपील की कि नशे के लगातार फैलते जाल को रोकने के लिए युवाओं और बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी विशेष रूप से जागरुक किया जाए।
उन्होंने कहा कि नशे को समाप्त करने की शुरुआत समाज की सबसे छोटी इकाई—परिवार—से ही करनी होगी।
जागरुकता कार्यक्रमों में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश
एसडीएम ने शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जागरुकता गतिविधियों में अभिभावकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस भागीदारी से अभिभावक अपने बच्चों के प्रति अधिक सचेत बनेंगे और नशे के जोखिम को समय रहते पहचान पाएंगे।
पुलिस की नशा विरोधी मुहिम की सराहना
एसडीएम ने जिला हमीरपुर में पुलिस द्वारा चल रही नशा विरोधी कार्रवाइयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार, गांव या आस-पड़ोस का युवा नशे की चपेट में आता है तो इसे छिपाना नहीं चाहिए। उसे उचित इलाज दिलाना चाहिए और नशा तस्करी में संलिप्त लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना हमेशा गोपनीय रखी जाती है। समस्या को छिपाने या अनदेखा करने से खतरा और बढ़ सकता है।
कड़े निर्देश: तंबाकू बिक्री पर रोक और समितियों को सक्रिय करें
एसडीएम ने शिक्षण संस्थानों की 100 मीटर की परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत एवं ग्राम स्तर पर नशा विरोधी समितियों को सक्रिय करने तथा गतिविधियों की रिपोर्ट नियमित रूप से तहसील कल्याण अधिकारी को भेजने को भी कहा।
अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत
बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं तहसील कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने नशा मुक्त भारत अभियान की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।