नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक फैसला: रीना कश्यप

rakesh nandan

11/04/2026

हिमाचल प्रदेश की भाजपा विधायक एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीना कश्यप ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐतिहासिक और युगांतरकारी निर्णय बताया है।

उन्होंने कहा कि यह कानून देश की महिलाओं को राजनीति में सशक्त भागीदारी और नेतृत्व का अवसर प्रदान करेगा और भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और मजबूत बनाएगा।


🏛️ 33% आरक्षण का प्रावधान

रीना कश्यप ने बताया कि सितंबर 2023 में पारित यह संवैधानिक संशोधन

  • लोकसभा
  • राज्य विधानसभाओं
  • और दिल्ली विधानसभा

में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है

उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।


👩‍⚖️ “यह केवल आरक्षण नहीं, भविष्य का निर्णय”

उन्होंने कहा कि यह कानून केवल आरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि देश के समावेशी विकास और भविष्य से जुड़ा हुआ एक बड़ा कदम है।

उनके अनुसार:
“जब महिलाएं नेतृत्व में आती हैं, तो शासन अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी ने पहले ही यह साबित कर दिया है।


📊 महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

रीना कश्यप ने कहा कि देश में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है:

  • लगभग 47 करोड़ महिला मतदाता
  • कई चुनावों में पुरुषों से अधिक मतदान
  • पंचायतों में करीब 46% महिला प्रतिनिधित्व

इसके बावजूद संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी अभी भी सीमित है।


⚖️ इस अंतर को खत्म करेगा कानून

उन्होंने कहा कि यही असंतुलन दूर करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जरूरी था।

“अब महिलाएं केवल मतदाता नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली भूमिका में भी नजर आएंगी,” उन्होंने कहा।


🚀 केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र

रीना कश्यप ने केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि पिछले दशक में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं:

  • 10 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शन
  • 14.45 करोड़ घरों में जल जीवन मिशन के तहत पानी
  • मुद्रा योजना के 60% से अधिक लाभार्थी महिलाएं
  • 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के जनधन खाते

इन योजनाओं ने महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है।


🗳️ अब नीति निर्माण में भागीदारी

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न रहकर नीति निर्माण में भी भागीदार बनें।

“यह अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का कार्य करेगा,” उन्होंने कहा।


📢 प्रदेश सरकार से मांग

रीना कश्यप ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की कि इस अधिनियम को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि
“यह कानून केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।”