राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विकास खंड सदर, जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत चांदपुर के “लक्ष्मी 2” स्वयं सहायता समूह द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की जा रही है।
नलवाड़ी मेले में आकर्षण बना स्टाल
राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला में समूह द्वारा लगाए गए पारंपरिक व्यंजनों के स्टाल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है।
स्टाल पर परोसे जा रहे व्यंजनों में शामिल हैं:
- मक्की की रोटी
- सरसों का साग
- कढ़ी
इन पारंपरिक स्वादों ने मेले में आने वाले लोगों को खूब लुभाया है।
महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का माध्यम
यह पहल न केवल स्वाद का अनुभव दे रही है, बल्कि महिलाओं को:
- रोजगार के अवसर
- आर्थिक सशक्तिकरण
- आत्मनिर्भर बनने का मंच
भी प्रदान कर रही है।
घराट के आटे से बढ़ा स्वाद
समूह की प्रधान तृप्ता देवी ने बताया कि मक्की की रोटी बनाने के लिए घराट में पिसे मक्की के आटे का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भोजन का स्वाद और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो जाती है।
इस कार्य में उनके साथ:
- जमना देवी
- उमा शर्मा
- प्रोमिला ठाकुर
भी सक्रिय रूप से योगदान दे रही हैं और अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।
स्वच्छता से बढ़ा ग्राहकों का विश्वास
समूह द्वारा स्टाल पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे ग्राहकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
ग्राहकों ने की जमकर तारीफ
स्टाल पर भोजन कर रहे राजीव ठाकुर और रविंदर गौतम ने बताया कि:
- वे पिछले चार दिनों से यहां भोजन कर रहे हैं
- मक्की की रोटी, सरसों का साग और कढ़ी बेहद स्वादिष्ट है
- भोजन में देशी घी का इस्तेमाल इसकी खासियत है
निष्कर्ष
नलवाड़ी मेले में “लक्ष्मी 2” स्वयं सहायता समूह का यह प्रयास पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है यह पहल दर्शाती है कि सही मंच मिलने पर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकती हैं।