नलवाड़ी मेले में वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता शुरू

rakesh nandan

22/03/2026

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के अवसर पर इस बार वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है, जो मेले में आने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से न केवल कला को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।

इस प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जो मेले के विभिन्न 10 स्थानों पर अपनी कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। कलाकारों द्वारा बनाई जा रही पेंटिंग्स न केवल रंगों से सजी हुई हैं, बल्कि इनमें गहरे सामाजिक संदेश भी छिपे हुए हैं। हर पेंटिंग एक कहानी बयां कर रही है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है।

प्रतियोगिता के लिए प्रतिभागियों को समाज और क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषय दिए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से बिलासपुर का विस्थापन, एंटी चिट्टा (नशा विरोधी अभियान) और पर्यटन जैसे विषय शामिल हैं। इन विषयों के माध्यम से कलाकार अपनी रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे हैं।

बिलासपुर के विस्थापन से जुड़ी पेंटिंग्स में पुराने समय की यादों और ऐतिहासिक परिवर्तनों को दर्शाया जा रहा है, जो गोविंद सागर झील के निर्माण के बाद सामने आए थे। वहीं, एंटी चिट्टा अभियान से संबंधित चित्र युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दे रहे हैं। पर्यटन विषय पर बनाई गई पेंटिंग्स हिमाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रही हैं।

इन वॉल पेंटिंग्स को देखने के लिए मेले में आने वाले लोग खासा उत्साहित नजर आ रहे हैं। कई लोग कलाकारों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इन पेंटिंग्स के साथ तस्वीरें लेकर इस अनुभव को यादगार बना रहे हैं। यह प्रतियोगिता मेले के सांस्कृतिक माहौल को और भी जीवंत बना रही है।

इस संबंध में उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में कला के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता फैलाना भी संभव होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के जरिए स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मेले में आने वाले पर्यटक इन पेंटिंग्स के माध्यम से हिमाचल की संस्कृति, इतिहास और सामाजिक मुद्दों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता न केवल कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बन रही है। इस तरह के आयोजन युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करते हैं और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास भी कराते हैं।

नलवाड़ी मेला, जो पहले से ही अपनी सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं के लिए जाना जाता है, इस तरह की प्रतियोगिताओं के माध्यम से और भी समृद्ध हो रहा है। वॉल पेंटिंग्स के जरिए मेले में आने वाले लोग न केवल मनोरंजन का आनंद ले रहे हैं, बल्कि सामाजिक संदेशों को भी समझ रहे हैं।

अंत में कहा जा सकता है कि यह प्रतियोगिता कला, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का एक बेहतरीन संगम है, जो नलवाड़ी मेले को एक नई पहचान देने का कार्य कर रही है।