हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के दौरान परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता स्टॉल स्थापित किया गया है। इस स्टॉल के माध्यम से मेले में आने वाले हजारों लोगों को यातायात नियमों और सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
परिवहन विभाग का यह प्रयास सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों में जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मेले में आने वाले लोग बड़ी संख्या में इस स्टॉल पर पहुंच रहे हैं और सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर रहे हैं।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) राजेश कौशल ने बताया कि इस स्टॉल का मुख्य उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग जीवन बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं।
स्टॉल पर लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना क्यों जरूरी है। तेज गति न केवल चालक के लिए बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी खतरा बन सकती है। इसके अलावा, नशे की हालत में वाहन चलाने के खतरों के बारे में भी लोगों को विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
परिवहन विभाग द्वारा यह भी विशेष रूप से समझाया जा रहा है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना कितना खतरनाक हो सकता है। यह ध्यान भटकाने का प्रमुख कारण बनता है और कई बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण भी बन जाता है।
इस स्टॉल के माध्यम से “गुड सेमेरिटन (राह-वीर) योजना” के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाता है और उन्हें कानूनी सुरक्षा भी प्रदान की जाती है। इससे लोगों को बिना किसी डर के दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके साथ ही, लोगों को दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 112 हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है, ताकि समय पर सहायता पहुंचाई जा सके और घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सके।
मेले में आने वाले युवाओं और बच्चों में भी इस स्टॉल को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई लोग अपने परिवार के साथ यहां आकर सड़क सुरक्षा के बारे में जानकारी ले रहे हैं और इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प भी ले रहे हैं।
परिवहन विभाग का यह प्रयास न केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित है, बल्कि यह लोगों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने का भी एक माध्यम बन रहा है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में जिम्मेदार ड्राइविंग संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में कहा जा सकता है कि नलवाड़ी मेला 2026 में स्थापित यह सड़क सुरक्षा स्टॉल लोगों को जागरूक करने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक प्रभावी पहल है, जो आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।