राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के अंतर्गत आयोजित कहलूर लोकोत्सव का आज भव्य समापन हुआ। इस आयोजन में क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की शानदार झलक देखने को मिली। समापन समारोह में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
40 महिला मंडलों ने दी शानदार प्रस्तुतियां
इस लोकोत्सव में लगभग 40 महिला मंडलों, स्वयं सहायता समूहों और सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया। अंतिम दिन प्रस्तुत किए गए प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल रहे:
गिद्धा
लोकगीत
संस्कार गीत
लोकनृत्य
धाजा
एकल गीत
इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
संस्कृति से जुड़ाव का संदेश
उपायुक्त राहुल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि:
बदलते समय में सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना जरूरी है
युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना आवश्यक है
लोक परंपराएं समाज को दिशा देने का काम करती हैं
हिमाचली संस्कृति की झलक
लोकोत्सव के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और रंग-बिरंगे परिधानों में कलाकारों की प्रस्तुतियों ने हिमाचली संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।
पूरे आयोजन के दौरान:
दर्शकों में उत्साह बना रहा
कलाकारों का जोरदार स्वागत हुआ
सांस्कृतिक माहौल बना रहा
जनभागीदारी से सफल आयोजन
इस आयोजन में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों ने अपनी कला और परंपराओं को मंच पर प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कहलूर लोकोत्सव आयोजन समिति की संयोजक एवं जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
नलवाड़ी मेला 2026 के तहत आयोजित कहलूर लोकोत्सव का समापन सांस्कृतिक रंगों और परंपराओं के उत्सव के रूप में हुआ। यह आयोजन न केवल लोक संस्कृति को संरक्षित करने का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने में भी सफल रहा।