हिमाचल प्रदेश के राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 के अंतर्गत आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में तीसरे दिन भी दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। मेले के खेलकूद कार्यक्रमों में कुश्ती प्रतियोगिता खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जहां प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए पहलवान अपने दमखम का प्रदर्शन कर रहे हैं।
तीसरे दिन आयोजित मुकाबलों में विशेष रूप से हिमबाला वर्ग की कुश्तियां चर्चा का विषय रहीं। इस वर्ग में कुल 30 मुकाबले खेले गए, जिनमें महिला पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ताकत और तकनीक का परिचय दिया। मुकाबले बेहद कड़े और रोमांचक रहे, जहां हर पहलवान ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
हिमबाला वर्ग के परिणामों की बात करें तो प्रेरणा ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि खुशी दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं अनीता ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इन मुकाबलों में महिला पहलवानों का जोश और आत्मविश्वास देखने लायक था, जिसने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।
इसके अलावा हिम कुमार वर्ग में भी खिलाड़ियों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। इस वर्ग में लगभग 110 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जो प्रतियोगिता की लोकप्रियता को दर्शाता है। वहीं सामान्य कुश्ती वर्ग में करीब 150 पहलवानों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और एक से बढ़कर एक मुकाबले प्रस्तुत किए।
तीसरे दिन के मुकाबलों के दौरान मैदान में दर्शकों की भी भारी भीड़ देखने को मिली। हर दांव-पेच पर दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। कुश्ती के पारंपरिक खेल को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह नजर आया, जिससे मेले का माहौल और भी जीवंत हो गया।

खेल आयोजन समिति ने सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल पारंपरिक खेलों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का भी कार्य होता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में फाइनल मुकाबले और भी रोमांचक होंगे, जिनका सभी को बेसब्री से इंतजार है।
नलवाड़ी मेला, जो अपनी सांस्कृतिक और खेलकूद गतिविधियों के लिए जाना जाता है, इस तरह के आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है। कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने से न केवल खिलाड़ियों को पहचान मिलती है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखने में मदद करता है।
इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले पहलवानों ने कड़ी मेहनत और अभ्यास के दम पर अपनी तैयारी की है। उनके प्रदर्शन से यह साफ झलकता है कि खेलों के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। खासकर महिला पहलवानों की भागीदारी इस बात का संकेत है कि खेलों में महिलाओं की भूमिका भी लगातार मजबूत हो रही है।

अंत में कहा जा सकता है कि नलवाड़ी मेला-2026 की कुश्ती प्रतियोगिता न केवल खेल प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, बल्कि यह प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने का भी एक सशक्त माध्यम साबित हो रही है।