नलवाड़ी मेला 2026 में होगा दो दिवसीय नाट्य उत्सव
नलवाड़ी मेला के अंतर्गत इस वर्ष बिलासपुर में दो दिवसीय नाट्य उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए अध्यक्ष नलवाड़ी मेला कमेटी एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि यह नाट्य उत्सव 17 और 18 मार्च को बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिष्ठित नाट्य संस्थाओं और कलाकारों द्वारा उत्कृष्ट नाटकों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे दर्शकों को रंगमंच की विविध विधाओं का अनुभव मिलेगा।
उद्घाटन के बाद पहले दिन दो नाटकों का मंचन
उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि 17 मार्च को नलवाड़ी मेले के उद्घाटन के बाद शाम 7 बजे नाट्य उत्सव की शुरुआत होगी। पहले दिन दो नाटकों का मंचन किया जाएगा। सबसे पहले प्रसिद्ध रूसी साहित्यकार एंटोन चेखव द्वारा लिखित प्रसिद्ध नाटक “द बेयर” प्रस्तुत किया जाएगा। इस नाटक का मंचन शिमला की नाट्य संस्था द बिगिनर्स द्वारा किया जाएगा और इसका निर्देशन रंगकर्मी कपिल देव शर्मा द्वारा किया गया है। यह नाटक अपने व्यंग्य, हास्य और सामाजिक संदेश के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
“खाली प्लेट” नाटक भी होगा प्रस्तुत
पहले दिन के दूसरे नाटक के रूप में लेखक मोहम्मद इनामुल्ला द्वारा लिखित नाटक “खाली प्लेट” का मंचन किया जाएगा। इस नाटक में कलाकार विनोद शर्मा और शिवांगी रघु अपने अभिनय का प्रदर्शन करेंगे। यह नाटक समाज के विभिन्न पहलुओं और मानवीय भावनाओं को मंच पर प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करता है।
दूसरे दिन व्यंग्य और सामाजिक विषयों पर आधारित नाटक
उपायुक्त ने बताया कि नाट्य उत्सव के दूसरे दिन यानी 18 मार्च को शाम 6 बजे कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दिन प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की चर्चित व्यंग्य रचना “एक लड़की, पांच दीवाने” पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। इस नाटक की प्रस्तुति उड़ान थिएटर ग्रुप बिलासपुर द्वारा की जाएगी। यह नाटक व्यंग्य और हास्य के माध्यम से समाज की विभिन्न विसंगतियों पर प्रकाश डालता है।
“जहर” नाटक का भी मंचन
दूसरे दिन ही एक और नाटक “जहर” का मंचन किया जाएगा। इस नाटक को लेखक पंकज सोनी ने लिखा है और इसका निर्देशन रंगकर्मी संजय सूद द्वारा किया गया है। इस प्रस्तुति में मंच पर संजय सूद और निशांत रघु अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। यह नाटक सामाजिक मुद्दों और मानवीय संबंधों की जटिलताओं को दर्शाता है।
कलाकारों के लिए मिलेगा बड़ा मंच
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य नलवाड़ी मेले को केवल एक पारंपरिक मेला तक सीमित रखना नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे कला, संस्कृति और रंगमंच से जुड़े कलाकारों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
नलवाड़ी मेले की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि नाट्य उत्सव जैसे कार्यक्रमों से नलवाड़ी मेले की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी। ऐसे आयोजनों से न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है बल्कि दर्शकों को भी उच्च स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने का अवसर मिलता है।
लोगों से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील
उपायुक्त राहुल कुमार ने जिले के सभी कला प्रेमियों, युवाओं और आम जनता से अपील की है कि वे इस दो दिवसीय नाट्य उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से कलाकारों का उत्साह बढ़ेगा और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
नलवाड़ी मेला: संस्कृति और परंपरा का संगम
बिलासपुर का नलवाड़ी मेला हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पारंपरिक मेलों में से एक है। यह मेला हर वर्ष बड़ी धूमधाम से आयोजित किया जाता है, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, व्यापारिक गतिविधियां और पारंपरिक आयोजन शामिल होते हैं। नाट्य उत्सव जैसे आयोजन इस मेले को और अधिक आकर्षक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाते हैं।