नालागढ़ फायरिंग पर भाजपा का हमला, कानून व्यवस्था पर सवाल

rakesh nandan

18/03/2026

हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ में दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा प्रदेश के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नालागढ़ जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र में दिनदहाड़े देसी कट्टे से फायरिंग होना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। यह घटना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में अपराधियों को कानून का कोई भय नहीं रह गया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की ढीली कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण अपराधियों को खुली छूट मिल रही है।

त्रिलोक कपूर ने यह भी कहा कि प्रदेश में असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए हैं और उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सख्ती से कार्रवाई करती, तो इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सकता था।

उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले में तुरंत और कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक ठोस और प्रभावी रणनीति बनाना बेहद जरूरी है। पुलिस और प्रशासन को सक्रिय होकर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करना होगा।

भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहती है, तो भाजपा इस मुद्दे को सड़कों से लेकर विधानसभा तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था का मुद्दा और अधिक प्रमुख हो सकता है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है।

यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि औद्योगिक क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है। ऐसे क्षेत्रों में निवेश और रोजगार की संभावनाएं भी सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करती हैं।

अंत में, यह स्पष्ट है कि नालागढ़ की यह घटना प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है और आने वाले समय में इस पर और भी सियासी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।