श्री नैना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं और दानकर्ताओं के सम्मान के लिए एक नई पहल की शुरुआत की गई है। मंदिर न्यास द्वारा “विशिष्ट दानकर्ता सम्मान योजना” शुरू की गई है, जिसका शुभारंभ उपायुक्त राहुल कुमार ने किया।
योजना के शुभारंभ से पूर्व उपायुक्त राहुल कुमार ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, एसडीएम धर्म पाल और टेम्पल ऑफिसर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने कहा कि यह योजना मंदिर के समग्र विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि और सामाजिक एवं धर्मार्थ गतिविधियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने श्रद्धालुओं और दानकर्ताओं से इस योजना में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
इस योजना के तहत दानकर्ताओं को उनके वार्षिक या संचयी योगदान के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है:
- Category-A: ₹15,00,001 एवं उससे अधिक
- Category-B: ₹10,00,001 से ₹15,00,000 तक
- Category-C: ₹5,00,000 से ₹10,00,000 तक
दान केवल नकद (चेक) के रूप में ही नहीं, बल्कि भौतिक निर्माण कार्यों के रूप में भी स्वीकार किए जाएंगे। इन कार्यों का मूल्यांकन मंदिर न्यास के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत दानकर्ताओं को कई विशेष सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से बड़े धार्मिक पर्वों और अनुष्ठानों में पूजा की प्राथमिकता, गर्भगृह के निकट आरक्षित स्थान, विशेष प्रसाद, वीआईपी प्रवेश, आरक्षित पार्किंग तथा डिजिटल और फिजिकल प्रिविलेज कार्ड शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त दानकर्ताओं का नाम और चित्र मंदिर की वार्षिक पत्रिका और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा। साथ ही उन्हें सम्मान पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा, जिससे उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता मिल सके।
मंदिर न्यास द्वारा प्राप्त दान राशि का उपयोग समाज के कल्याणकारी कार्यों में किया जाएगा। इसमें निर्धन बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, लंगर व्यवस्था को सुदृढ़ करना, गौ-सेवा को बढ़ावा देना तथा बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुविधाजनक बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने मंदिर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में रैंप की व्यवस्था की गई है, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को विशेष लाभ मिल रहा है।
इसके अलावा मंदिर परिसर में एक बायोगैस प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे लगभग 20 किलोग्राम गैस का उत्पादन हो रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
मंदिर में लिफ्ट सुविधा भी जल्द ही शुरू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में और अधिक सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर में संचालित विद्यालय को सीबीएसई से संबद्ध करने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।
स्थानीय युवाओं और बच्चों के लिए पुस्तकालय की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है, जिसे भविष्य में और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्किंग और सड़कों के सुधार का कार्य किया गया है।
मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और आकर्षक वातावरण मिल सके।
कुल मिलाकर, “विशिष्ट दानकर्ता सम्मान योजना” न केवल दानकर्ताओं को सम्मान देने का माध्यम है, बल्कि यह मंदिर के विकास और समाज सेवा के कार्यों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।