नैना देवी मेले में हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध

rakesh nandan

11/03/2026

नैना देवी चैत्र नवरात्र मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

जिला बिलासपुर में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में 19 से 28 मार्च तक आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दृष्टिगत जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए विशेष कदम उठाए हैं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या, कानून-व्यवस्था और मानव सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 163 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निषेधाज्ञा जारी की है।


मेले के दौरान हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध

जारी आदेश के अनुसार पुलिस थाना कोट कहलूर के अधिकार क्षेत्र में 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक किसी भी व्यक्ति द्वारा अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसमें गोला-बारूद, दूर से मार करने वाले हथियार, तेजधार हथियार और अन्य खतरनाक वस्तुएं शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि यह प्रतिबंध केवल सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।


आम नागरिकों पर लागू होगा आदेश

जिला प्रशासन द्वारा जारी इस निषेधाज्ञा का पालन सभी आम नागरिकों को करना होगा। हालांकि इस आदेश में ड्यूटी पर तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों को छूट प्रदान की गई है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों को मेले के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अधिकार दिए गए हैं।


श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए निर्णय

चैत्र नवरात्र के दौरान नैना देवी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाते हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने और मंदिर परिसर में शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।


सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता

जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि यह आदेश पूरी तरह से सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।


उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति मेले के दौरान प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर चलता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।


श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने का आग्रह भी किया गया है।


सुरक्षा व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत

नवरात्र मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मेले के दौरान तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।


19 से 28 मार्च तक लागू रहेगा आदेश

जिला प्रशासन द्वारा जारी यह निषेधाज्ञा 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के दौरान सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा।