नैना देवी चैत्र नवरात्र मेले के लिए विशेष यातायात व्यवस्था
जिला बिलासपुर स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी मंदिर में 19 से 28 मार्च तक आयोजित होने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यातायात संबंधी आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों का उद्देश्य मेले के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
टोवा से मंदिर तक भारी वाहनों पर प्रतिबंध
जारी आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान टोवा से श्री नैना देवी मंदिर तक के सड़क मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस मार्ग पर केवल बसों और छोटे यात्री वाहनों जैसे टैक्सियों को ही चलने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से यातायात जाम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है।
इन वाहनों की आवाजाही पर रहेगी रोक
मेले के दौरान ट्रक, कैंटर, ट्रैक्टर, टैम्पू और अन्य भारी वाणिज्यिक वाहनों को मंदिर मार्ग पर आने की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिससे सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है।
सीमा से आगे नहीं जा सकेंगे भारी वाहन
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यदि ट्रक, टैम्पू या ट्रैक्टर सवारियों से लदे हुए पाए जाते हैं, तो उन्हें हिमाचल प्रदेश की सीमा से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को गड़ामोड़ा और ग्वालथाई से आगे श्री नैना देवी मंदिर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बस और टैक्सी से ही पहुंच सकेंगे श्रद्धालु
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को इन निर्धारित स्थानों से आगे बसों या टैक्सियों के माध्यम से ही मंदिर तक पहुंचना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सड़क पर वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित तथा सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना है।
हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं
नवरात्र के दौरान श्री नैना देवी मंदिर में हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेला अवधि में लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है, जिसके कारण प्रशासन को विशेष यातायात प्रबंधन योजना लागू करनी पड़ती है।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान जारी किए गए यातायात नियमों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही मेला शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकता है।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन रहेगा सख्त
मेले के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की विशेष तैनाती रहेगी। यातायात को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवकों को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
19 से 28 मार्च तक लागू रहेंगे आदेश
जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए ये यातायात संबंधी आदेश 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगे। इस अवधि के दौरान सभी वाहन चालकों और श्रद्धालुओं को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।