चैत्र नवरात्र मेले को लेकर प्रशासन के विशेष प्रबंध
जिला बिलासपुर के जिला दण्डाधिकारी राहुल कुमार ने चैत्र नवरात्र मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक लागू रहेंगे और इनका उद्देश्य मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
नैना देवी मंदिर में उमड़ती है भारी भीड़
नवरात्र के दौरान श्री नैना देवी मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और नवरात्र के समय यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष कदम उठाए जाते हैं।
लाउडस्पीकर और ध्वनि उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध
जारी आदेशों के अनुसार मेला अवधि के दौरान मंदिर परिसर में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का मानना है कि अत्यधिक ध्वनि उपकरणों के प्रयोग से मंदिर परिसर में अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में कठिनाई हो सकती है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए शांत और अनुशासित वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लगाया गया है।
केवल कंट्रोल रूम से होंगी घोषणाएं
यदि मेले के दौरान किसी प्रकार की सूचना या सार्वजनिक घोषणा करना आवश्यक होगा तो वह केवल कंट्रोल रूम के माध्यम से ही प्रसारित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सूचना प्रणाली को व्यवस्थित रखना और भीड़ प्रबंधन को सुचारू बनाना है। कंट्रोल रूम से की जाने वाली घोषणाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश और आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाएगी।
मंदिर परिसर में प्रसाद पर भी रोक
प्रशासन द्वारा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार के प्रसाद के प्रयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर परिसर की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मेला अवधि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती होता है। इसलिए इस व्यवस्था को लागू किया गया है।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेले के दौरान प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही मंदिर परिसर में शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण बनाए रखा जा सकता है। साथ ही सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे सुरक्षा व्यवस्थाओं में प्रशासन और पुलिस का सहयोग करें।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
नवरात्र मेले के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा। भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
28 मार्च तक लागू रहेंगे आदेश
जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए ये सभी आदेश 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नवरात्र मेले के दौरान श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से माता के दर्शन कर सकें।