‘नई चेतना’ अभियान के तहत महिलाओं के अधिकारों पर जागरूकता

rakesh nandan

22/01/2026

लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘नई चेतना’ अभियान के अंतर्गत विकास खंड हरोली में गुरुवार को महिलाओं के अधिकारों पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विशाल शर्मा, एसडीएम हरोली ने की। यह कार्यक्रम दीन दयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत यूनाइटेड स्कूल स्तरीय संगठन, विकास खंड हरोली के सहयोग से पालकवाह ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से महिलाओं पर होने वाली हिंसा, लैंगिक असमानता तथा कानूनी अधिकारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर एसडीएम विशाल शर्मा ने कहा कि लैंगिक समानता के बिना सशक्त, समावेशी और विकसित समाज की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समान भागीदारी से ही समाज वास्तविक प्रगति की ओर अग्रसर हो सकता है। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं को समान अवसर और अधिकार प्रदान करने तथा लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार प्रदान करता है, लेकिन इन अधिकारों की वास्तविक प्राप्ति तभी संभव है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग इनके प्रति जागरूक बने। महिलाओं को अपने अधिकारों की पहचान कर आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में एनआरएलएम की डीपीएम ज्योति शर्मा ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी साझा की। वहीं एएसआई सुरेंद्र कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी अधिकारों एवं आपात स्थिति में उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं एवं पुरुषों ने लैंगिक समानता के समर्थन में शपथ ली। इसके उपरांत महिलाओं द्वारा जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से समाज को समानता और सम्मान का संदेश दिया गया। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी मुकेश कुमार, यूनाइटेड स्कूल स्तरीय संगठन की प्रधान कमलेश कुमारी, एकता स्कूल स्तरीय संगठन की प्रधान दविंदर कौर, पालकवाह के पूर्व प्रधान एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप अग्निहोत्री, रजनीश शर्मा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।