जिला सिरमौर के नाहन क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की लिफ्ट सिंचाई योजनाओं से जुड़े पंप हाउसों में हुई चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 28 फरवरी 2026 को सामने आया था, जब सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग उपमंडल नाहन ने पुलिस थाना नाहन में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत के अनुसार, मल्लोंवाला भुड़, कून और खजूरना क्षेत्रों में स्थित पंप हाउसों से मोटर, गेट वाल्व, कॉपर केबल, पाइप फिटिंग और अन्य उपकरण चोरी हो गए थे। इस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिरमौर और उप पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में साइबर सेल, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ गुप्त सूत्रों की भी सहायता ली गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रिंस कुमार (19 वर्ष), गगन (21 वर्ष), सुलेमान उर्फ गोला (20 वर्ष), विशाल उर्फ गाफू (23 वर्ष) और अर्पण (21 वर्ष) शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने स्थायी पते से फरार हो गए थे और अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर दिए थे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रैक न हो सके।
हालांकि, पुलिस ने साइबर तकनीक, स्थानीय नेटवर्क और गुप्त सूचना के आधार पर इन आरोपियों का पता लगाया। इसके बाद यमुनानगर, जगाधरी, बिलासपुर, मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश), ताजेवाला, छछरौली, जैदर और प्रताप नगर जैसे विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग दिनों में इन पंप हाउसों को निशाना बनाया। उन्होंने वहां से तांबे की केबल, उपकरण, ATS स्टार्टर, गेट वाल्व और मोटरें चोरी कीं। चोरी किए गए सामान में 3 फेज 3HP की पांच मोटरें और 3 फेज 5HP की एक मोटर शामिल है।
पुलिस ने तीन आरोपियों—अर्पण, विशाल और सुलेमान—को 17 मार्च 2026 को नियमानुसार गिरफ्तार किया, जबकि अन्य आरोपियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किया गया सामान कहां बेचा गया और इस वारदात में किस वाहन का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई न केवल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद करेगी, बल्कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।