मेडिकल कॉलेज नाहन पर BJP का सरकार पर निशाना

rakesh nandan

25/03/2026

हिमाचल प्रदेश में नाहन मेडिकल कॉलेज को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए इसे केवल घोषणाओं की सरकार करार दिया है। नाहन में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार लगातार घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन धरातल पर योजनाएं साकार नहीं हो रही हैं।

डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि हाल ही में नाहन मेडिकल कॉलेज के लिए नए स्थान के चयन और कैबिनेट अनुमति की जानकारी सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार को मेडिकल कॉलेज को नए स्थान पर ही बनाना था, तो यह निर्णय वर्ष 2023 में ही ले लिया जाना चाहिए था। अब जब सरकार के कार्यकाल का समय सीमित रह गया है, तो इस तरह की घोषणाओं का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।

उन्होंने कहा कि यह कदम केवल समय व्यतीत करने और जनता को भ्रमित करने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां केवल कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता।

डॉ. बिंदल ने हाल ही में प्रस्तुत बजट का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में लगभग 1000 करोड़ रुपये की कमी की गई है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार मेडिकल कॉलेज के लिए 500 करोड़ रुपये देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य बजट में कटौती कर रही है, जो अपने आप में विरोधाभास है।

उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चयन के बाद कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। इसमें सबसे पहले एफसीए (वन अनुमति) की प्रक्रिया में कई महीने लग सकते हैं, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इन सभी प्रक्रियाओं में समय लगने के कारण चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है। ऐसे में वर्तमान सरकार के पास केवल लगभग 18 महीने ही शेष रह जाते हैं, जिसमें इस परियोजना को पूरा करना संभव नहीं दिखता।

डॉ. बिंदल ने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना चाहती है, तो उसे मौजूदा संसाधनों का बेहतर उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन का उपयोग करते हुए वहां माता-शिशु अस्पताल स्थापित किया जा सकता था, लेकिन इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

उन्होंने नर्सिंग कॉलेज के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बजट उपलब्ध कराने के बावजूद राज्य सरकार इस परियोजना को जमीन पर उतारने में असफल रही है। यह सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

इसके अलावा उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर एंट्री टैक्स बढ़ाए जाने के मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और व्यापार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, नाहन मेडिकल कॉलेज और एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।