हिमाचल प्रदेश के Nahan में 4 अप्रैल 1905 को आए विनाशकारी 1905 Kangra earthquake की 121वीं वर्षगांठ को आपदा जागरूकता दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर उपायुक्त कार्यालय परिसर में भूकंप आपदा प्रतिक्रिया मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की भागीदारी रही।
उपायुक्त सिरमौर Priyanka Verma ने इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश भूकंप के दृष्टिकोण से एक संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में आपदाओं से निपटने के लिए पूर्व तैयारी और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ प्रशासन की तैयारियों को भी परखने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, मेडिकल कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में भी आयोजित की जा रही है।
मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड और अग्निशमन विभाग की टीमों ने भूकंप जैसी स्थिति में बचाव और राहत कार्यों का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास के माध्यम से लोगों को यह बताया गया कि भूकंप आने पर किस प्रकार स्वयं को सुरक्षित रखना चाहिए और किन सावधानियों का पालन करना चाहिए।
उपायुक्त ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि भूकंप के समय घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि ऐसी स्थिति में किसी मजबूत मेज या टेबल के नीचे शरण लें और सिर को सुरक्षित रखें। जब झटके रुक जाएं, तो सावधानीपूर्वक खुले और सुरक्षित स्थान की ओर निकलें।
उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि लोग पहले से जागरूक होंगे और आवश्यक सावधानियां अपनाएंगे, तो आपदा के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा, सहायक उपायुक्त विवेक शर्मा सहित होमगार्ड, अग्निशमन विभाग और उपायुक्त कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस अवसर पर आपदा प्रबंधन के महत्व को समझते हुए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश जैसे भूकंप संभावित क्षेत्रों में इस प्रकार की नियमित मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं। इससे न केवल प्रशासनिक तैयारियां मजबूत होती हैं, बल्कि आम लोगों में भी आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ती है।
कुल मिलाकर, नाहन में आयोजित यह आपदा जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ
