जिला मुख्यालय नाहन शहर में पार्किंग, ट्रैफिक और कूड़ा-कचरा निपटान जैसी समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। शहर में न तो पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, न ही पार्कों की समुचित व्यवस्था और न ही कूड़े-कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन हो पा रहा है। शहर के मुख्य बाजारों में नो-पार्किंग जोन, वन-वे व्यवस्था एवं वाहनों के प्रवेश पर रोक से संबंधित अधिसूचनाएं वर्ष 2003 और 2004 की हैं। बीते दो दशकों में वाहनों की संख्या और जन-आवागमन में भारी वृद्धि हुई है, जिसके चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
मीडिया से बातचीत में राजीव संख्यान, एसडीएम नाहन ने बताया कि शहर में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए अब आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। यह प्रक्रिया उपायुक्त सिरमौर के निर्देशों के तहत शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि नो-पार्किंग, वन-वे व्यवस्था और बाजार क्षेत्रों में वाहनों के प्रवेश को लेकर नया प्रस्ताव तैयार कर उपायुक्त को भेजा जाएगा। वर्तमान अधिसूचनाएं पुराने समय की हैं, जिन्हें आज की परिस्थितियों के अनुसार अपडेट करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
एसडीएम ने बताया कि मुख्य बाजारों में बढ़ता अतिक्रमण पैदल यात्रियों और आपातकालीन वाहनों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। इसके अतिरिक्त नगर परिषद द्वारा सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही है, जिससे कूड़े के सही निष्पादन में बाधा उत्पन्न हो रही है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की समस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव साझा करें, ताकि प्राप्त सुझावों के आधार पर नाहन शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए जा सकें।
