हिमाचल प्रदेश के Nadaun में महान क्रांतिकारी एवं साहित्यकार पंडित इंद्रपाल और मशहूर शायर एवं स्वतंत्रता सेनानी डीडी गुलजार की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह कार्यक्रम भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से तथा यशपाल साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम Nishant Sharma उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष डॉ. रत्न चंद शर्मा ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों, लेखकों और साहित्यकारों ने दोनों महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
🌺 महान विभूतियों को श्रद्धांजलि
अपने संबोधन में एसडीएम निशांत शर्मा ने कहा कि नादौन की पावन धरती ने पंडित इंद्रपाल और डीडी गुलजार जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से इन महान विभूतियों के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया और विशेष रूप से नशे की समस्या को जड़ से समाप्त करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. रत्न चंद शर्मा और डॉ. ओपी शर्मा ने दोनों विभूतियों के जीवन, उनके योगदान और साहित्यिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
✍️ कविताओं के माध्यम से सामाजिक संदेश
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विभिन्न कवियों और साहित्यकारों द्वारा प्रस्तुत की गई कविताएं रहीं। कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकारों और विशेष रूप से नशे जैसी गंभीर समस्या पर अपने विचार व्यक्त किए।
वरिष्ठ कवि होशियार सिंह ने ‘चिट्टा है नाम मेरा मुझे दोषी मत ठहराना’ कविता के माध्यम से समाज को गहरा संदेश दिया। इसके अलावा नरेश पटियाल, लाल चंद ठाकुर, अशोक सोनी और दिलीप सिंह ने देशभक्ति और क्रांतिकारियों पर आधारित कविताएं प्रस्तुत कीं।
केहर सिंह मित्र ने ‘गलाणा मना है’, सुशील कुमारी गौत्तम ने ‘कुछ लिखने को मन आतुर है मगर क्या लिखूं’, और कमलेश कुमारी ने ‘भूचालों में जो पैदा हुए’ शीर्षक से अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
डॉ. पिंकी शर्मा ने शूलिनी कॉलेज में छात्र की मौत पर संवेदनशील कविता प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। केसर सिंह पटियाल, रवि दत्त और देस राज ने भी समाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली कविताएं सुनाईं।
संतोष कुमारी, नीलम और रजनी बाला ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगाए। वहीं ज्योति प्रकाश ने ‘कोई नजर ना मिलाए तो नजर अंदाज किया करो’ जैसी रचना प्रस्तुत की।
🎓 छात्राओं की प्रस्तुतियां बनी आकर्षण
कार्यक्रम में स्थानीय शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं। गर्ल्स स्कूल की छात्राओं कनिका और माहिका मेहरा, तथा मोनाल पब्लिक स्कूल की प्रज्ञा आर्य और गीतांशी ने संस्कृत में अपनी प्रस्तुतियां देकर सभी को प्रभावित किया।
मोनाल स्कूल की चार वर्षीय छात्रा निष्ठा शर्मा ने गीता के श्लोक सुनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया और खूब सराहना बटोरी।
📢 विभागीय जानकारी और सहभागिता
जिला भाषा अधिकारी संतोष पटियाल ने मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
👥 गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर नगर परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष शम्मी सोनी, कार्यकारी अधिकारी रमन कुमार, कमल कम्मी, संतोष संधू, संदीप जैन, योगराज, अक्षित सोनी, अंशुल, विवेक शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
🔚 निष्कर्ष
नादौन में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर बना, बल्कि समाज में साहित्य, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का भी माध्यम साबित हुआ। ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करने और सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
