नादौन में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कार्यशाला आयोजित

rakesh nandan

04/04/2026

हिमाचल प्रदेश के Nadaun विधानसभा क्षेत्र-40 नादौन में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मिनी सचिवालय परिसर में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को दो अलग-अलग बैचों में विभाजित किया गया, ताकि सभी अधिकारियों को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षण दिया जा सके। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करना और अधिकारियों को इसके विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी Nishant Sharma ने कहा कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। उन्होंने सभी बूथ लेवल अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से आह्वान किया कि वे इस प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ समझें और लागू करें।

उन्होंने कहा कि इस कार्य के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। यदि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही होती है, तो इससे मतदाता सूची की शुद्धता प्रभावित हो सकती है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।

कार्यशाला के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय हमीरपुर के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी प्रदान की। कंप्यूटर प्रोग्रामर निखिल भारद्वाज और निर्वाचन कानूनगो मोहिंद्र सिंह ने बूथ लेवल अधिकारियों को विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया।

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित सभी आवश्यक पहलुओं से अवगत कराया गया। इसमें प्रपत्रों के सही उपयोग, फील्ड सत्यापन की प्रक्रिया, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मतदाता विवरण में संशोधन और अनावश्यक नामों के विलोपन जैसी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया।

इसके साथ ही अधिकारियों को उनके कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि वे अपने कार्य को प्रभावी ढंग से निष्पादित कर सकें। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए।

अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। इसलिए इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने भी अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किया गया। इससे प्रशिक्षण और अधिक प्रभावी और उपयोगी बना।

कुल मिलाकर, यह कार्यशाला न केवल अधिकारियों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में सहायक रही, बल्कि मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।