नादौन नगर परिषद के वार्ड परिसीमन का प्रारूप जारी
नादौन नगर परिषद के सभी 9 वार्डों के परिसीमन का प्रारूप प्रकाशित कर दिया गया है। इस प्रारूप के संबंध में स्थानीय नागरिकों से 10 मार्च तक आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए गंधर्वा राठौड़ ने बताया कि परिसीमन का यह प्रारूप सार्वजनिक अवलोकन के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।
प्रशासन ने जारी की अधिसूचना
उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि परिसीमन के इस प्रारूप की प्रतियां जिला प्रशासन द्वारा संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध करवाई गई हैं, ताकि आम नागरिक आसानी से इसका अवलोकन कर सकें।
प्रारूप की प्रतियां निम्न स्थानों पर उपलब्ध हैं:
उपायुक्त कार्यालय, हमीरपुर
नगर परिषद कार्यालय, नादौन
इन कार्यालयों में जाकर स्थानीय निवासी वार्ड परिसीमन के प्रस्तावित प्रारूप का अवलोकन कर सकते हैं।
नागरिक दे सकते हैं आपत्तियां और सुझाव
उपायुक्त ने बताया कि यदि किसी स्थानीय निवासी को इस परिसीमन प्रारूप के संबंध में कोई आपत्ति या सुझाव देना है, तो वह निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है। नागरिकों को अपने सुझाव या आपत्तियां 10 मार्च तक उपायुक्त कार्यालय हमीरपुर में लिखित रूप से जमा करवानी होंगी। प्रशासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
परिसीमन प्रक्रिया का महत्व
नगर परिषद क्षेत्रों में वार्डों का परिसीमन एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया होती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, भौगोलिक क्षेत्र और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए वार्डों की सीमाएं निर्धारित की जाती हैं। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी वार्डों में जनसंख्या का संतुलन बना रहे और नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।
पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर
प्रशासन द्वारा वार्ड परिसीमन के प्रारूप को सार्वजनिक करने का उद्देश्य इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सहभागी बनाना है। नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करने से प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की राय को समझने का अवसर मिलता है। इससे अंतिम परिसीमन निर्णय अधिक संतुलित और जनहितकारी बन सकता है।
स्थानीय प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नादौन क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे परिसीमन के इस प्रारूप का अवलोकन करें और यदि आवश्यक हो तो अपने सुझाव या आपत्तियां निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करें। नागरिकों की भागीदारी से यह प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पूरी की जा सकेगी।