हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन उपमंडल में स्थित गांव ग्वाल पत्थर के एएसएसडी पब्लिक स्कूल के खिलाफ प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी मान्यता रद्द कर दी है। विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इस स्कूल की मान्यता वर्तमान शैक्षणिक सत्र के अंत, यानी 31 मार्च 2026 से समाप्त कर दी जाएगी।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कमल किशोर भारती ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के खिलाफ शिक्षकों से जुड़े मामलों और अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों की जांच के बाद विभाग ने यह सख्त निर्णय लिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग गुणवत्ता और नियमों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि कोई भी निजी शिक्षण संस्था निर्धारित नियमों और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किए बिना स्कूल का संचालन करती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उपनिदेशक ने अभिभावकों से भी विशेष अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही करवाएं। उन्होंने कहा कि कई बार अभिभावक बिना जांच किए अपने बच्चों को निजी संस्थानों में भेज देते हैं, जिससे भविष्य में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई निजी स्कूल बिना अनुमति के संचालित हो रहा है, तो इसकी जानकारी तुरंत प्रारंभिक शिक्षा विभाग या स्थानीय प्रशासन को दी जानी चाहिए। इससे ऐसे संस्थानों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिना मान्यता के स्कूल चलाना आरटीई (Right to Education) अधिनियम का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्णय का उद्देश्य न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को सही और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिले। विभाग का मानना है कि नियमों का पालन करने से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत बन सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की कार्रवाई अन्य निजी शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक संदेश है कि वे नियमों का पालन करें और शिक्षा के स्तर को बनाए रखें। इससे शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
हालांकि इस फैसले से प्रभावित छात्रों और अभिभावकों को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन विभाग ने उन्हें सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला करवाएं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
कुल मिलाकर, नादौन में एएसएसडी पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द करना शिक्षा विभाग का एक सख्त लेकिन आवश्यक कदम माना जा रहा है, जो शिक्षा की गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।