पंजाब नेशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (PNB RSETI) ऊना द्वारा आयोजित 10 दिवसीय मशरूम खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन मंगलवार को किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
समापन अवसर पर संस्थान के निदेशक सुधीर शर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान दी गई तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कौशल का उपयोग करते हुए युवा अपने स्वयं के उद्यम की शुरुआत कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण को केवल ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन में लागू कर स्वरोजगार की दिशा में ठोस कदम बढ़ाएं।
उन्होंने बताया कि PNB RSETI से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बैंक द्वारा कम ब्याज दरों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है, जिससे वे बिना किसी बड़ी वित्तीय बाधा के अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। यह पहल युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें बीज उत्पादन, उत्पादन इकाई की स्थापना, देखरेख, फसल प्रबंधन, पैकेजिंग, विपणन और व्यवसाय प्रबंधन जैसे विषय शामिल रहे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में इस व्यवसाय को सफलतापूर्वक संचालित कर सकें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर परीक्षक के रूप में कमल प्रकाश, भारतीय रिजर्व बैंक के साक्षरता सलाहकार राजकुमार डोगरा और संस्थान की पूर्व प्रशिक्षु एवं सफल उद्यमी विद्या विश्वकर्मा भी उपस्थित रहीं। विद्या विश्वकर्मा ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने इसी संस्थान से प्रशिक्षण लेकर मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनीं।
उनकी प्रेरणादायक कहानी ने प्रतिभागियों को अत्यधिक प्रेरित किया और यह विश्वास दिलाया कि सही मार्गदर्शन और मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति सफल उद्यमी बन सकता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे छोटे स्तर से शुरुआत करें और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार करें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए निःशुल्क आयोजित किया गया था। इस दौरान प्रतिभागियों को न केवल तकनीकी जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें एक सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक प्रबंधकीय और विपणन कौशल भी सिखाए गए।
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। मशरूम उत्पादन एक ऐसा व्यवसाय है, जिसमें कम निवेश के साथ अच्छा लाभ प्राप्त किया जा सकता है, जिससे युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान PNB RSETI की संकाय सदस्य रजनी वाला, संकाय सहायक हिना डोगरा और मीनाक्षी जी भी उपस्थित रहीं, जिन्होंने प्रशिक्षण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करता है। आने वाले समय में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।