जलशक्ति विभाग कर्मियों को उपमुख्यमंत्री का आश्वासन, अन्याय नहीं होगा

rakesh nandan

07/02/2026

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जलशक्ति विभाग के कर्मचारी महासंघों के संयुक्त सम्मेलन में कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनकी सभी जायज़ समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

यह सम्मेलन शनिवार को पालकवाह ऑडिटोरियम, हरोली में आयोजित किया गया।

उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान संभव न हो। उन्होंने कहा, “आप विश्वास रखें, मैं आपके साथ हूं और आपके सभी जायज़ मुद्दों का समाधान किया जाएगा।”

सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों ने नियमितीकरण, पदोन्नति, पेंशन, नीति निर्माण, ड्यूटी व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों से संबंधित अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। उपमुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और प्रत्येक जायज़ मांग के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में नीति की आवश्यकता होगी, वहां सरकार नई नीति बनाएगी और सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जलशक्ति विभाग में प्रक्रियागत तरीके से पक्की भर्तियां सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे कर्मचारियों को पेंशन लाभ से जोड़ा जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि विभाग में 419 करुणामूलक भर्तियां की जा रही हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा ओल्ड पेंशन स्कीम लागू कर कर्मचारियों को बुढ़ापे की गारंटी दी गई है। एचआरटीसी में भी ओपीएस लागू की जा चुकी है और जो कर्मचारी अभी इस व्यवस्था से वंचित हैं, उन्हें भी इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था की उपयोगिता अथवा अनुपयोगिता पर गंभीरता से मंथन किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग के कर्मचारी अत्यंत कठिन परिस्थितियों और दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश के हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना एक बड़ा दायित्व है और इसमें विभागीय कर्मचारियों का योगदान अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि सीमित राजस्व संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा कर रही है। उन्होंने जीएसटी व्यवस्था और राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) समाप्त किए जाने से उत्पन्न वित्तीय चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने देगी।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा अभी तक लगभग 1250 करोड़ रुपये की राशि जारी नहीं की गई है, इसके बावजूद इस मिशन के तहत नियुक्त कर्मचारियों का वेतन राज्य सरकार अपने संसाधनों से वहन कर रही है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लंबे समय से लंबित योजनाओं को पूरा करने के लिए धन का प्रबंध किया गया है। फिना सिंह योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है तथा मंडी जिला के धर्मपुर क्षेत्र की लंबित जल योजनाओं के लिए भी धनराशि प्राप्त की गई है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जलशक्ति विभाग में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी ईश्वर द्वारा सौंपे गए एक विशेष दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों से जल से जुड़े कार्य को सेवा भाव से पूरी निष्ठा के साथ निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों, कांग्रेस नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों तथा प्रदेशभर से आए जलशक्ति विभाग के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।