MIS में फर्जीवाड़े की आशंका पर भाजपा का हमला

rakesh nandan

05/01/2026

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश सरकार की मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) में सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं और संभावित फर्जीवाड़े को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक चूक का नहीं, बल्कि किसानों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और बड़े घोटाले की आशंका को दर्शाता है, जो कांग्रेस सरकार की गंभीर विफलता है।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि सरकारी उपक्रम हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) द्वारा MIS के तहत सेब की खरीद में प्रिक्योरमेंट असिस्टेंट स्तर पर गड़बड़ी सामने आना अत्यंत गंभीर विषय है। रोहड़ू के चिड़गांव खरीद केंद्र में अनियमितताओं के बाद एफआईआर दर्ज होना इस बात का प्रमाण है कि मामला संदेह से आगे बढ़कर ठोस गड़बड़ी का रूप ले चुका है।

उन्होंने कहा कि जब अन्य खरीद केंद्रों में भी अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है, तो यह पूरा MIS सिस्टम सवालों के घेरे में आ जाता है। गड़बड़ी सामने आने के बाद एसडीएम और तहसीलदार की अध्यक्षता में कमेटियां गठित करना यह दर्शाता है कि सरकार पहले से चली आ रही लापरवाही और कमजोर निगरानी को अब ढकने का प्रयास कर रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि MIS की पेमेंट के लिए बागवानों से आधार कार्ड, उद्यान कार्ड और भूमि दस्तावेज अनिवार्य करना किसानों के साथ सीधा अन्याय है। जब उद्यान कार्ड में पहले से ही सभी आवश्यक जानकारियां दर्ज हैं, तो बार-बार दस्तावेज मांगकर ईमानदार बागवानों को शक के दायरे में लाना सरकार की नाकामी को छिपाने का प्रयास है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष MIS के तहत 98,500 मीट्रिक टन से अधिक सेब की खरीद कई सवाल खड़े करती है। वर्ष 2023 में अधिक आपदा के बावजूद लगभग 80 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा गया था, जबकि इस वर्ष पैदावार लगभग समान होने के बावजूद रिकॉर्ड खरीद होना संदेह को और गहरा करता है।

संदीपनी भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मानसून के दौरान सड़कों के बंद रहने की आड़ में कई खरीद केंद्रों पर वास्तविक खरीद से कहीं अधिक का बिल तैयार किया गया। कई क्षेत्रों में वास्तविक उत्पादन से अधिक सेब की एंट्री दर्शाई गई, जबकि परिवहन की स्थिति ही संभव नहीं थी। यह पूरे MIS तंत्र में संगठित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।

उन्होंने कहा कि HPMC के अनुसार इस वर्ष लगभग 40 हजार बागवानों से MIS के तहत सेब खरीदा गया और करीब 115 करोड़ रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। इतने बड़े स्तर पर एफआईआर दर्ज होना मामले की गंभीरता को स्पष्ट करता है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने मांग की कि MIS योजना के अंतर्गत हुई पूरी खरीद की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच करवाई जाए, दोषी अधिकारियों और प्रिक्योरमेंट असिस्टेंट्स पर कड़ी कार्रवाई हो तथा ईमानदार बागवानों को तुरंत राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार ने मामले को दबाने का प्रयास किया, तो भाजपा किसानों के हित में सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।