MIS भुगतान पर भाजपा का हमला, 120 करोड़ बकाया

rakesh nandan

19/03/2026

हिमाचल प्रदेश में सेब बागवानों के भुगतान को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत बागवानों के लंबित भुगतान को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि MIS के अंतर्गत बागवानों के ₹120.59 करोड़ से अधिक भुगतान लंबित हैं, जिससे लगभग 57,000 से अधिक बागवान प्रभावित हो रहे हैं। यह स्थिति केवल प्रशासनिक देरी नहीं बल्कि किसानों के साथ सीधा आर्थिक अन्याय है।

सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि सरकार और संबंधित विभाग यह तर्क दे रहे हैं कि अधिक मात्रा में सेब खरीद के कारण भुगतान में देरी हुई है, लेकिन यह तर्क पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि खरीद का अनुमान पहले से था, तो वित्तीय व्यवस्था क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में MIS के तहत करीब 98,506 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई, लेकिन भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कमजोर है।

HPMC के दावों पर भी उठाए सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने HPMC के वित्तीय दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ बागवानों का ₹120 करोड़ से अधिक भुगतान लंबित है, वहीं दूसरी ओर ₹5 करोड़ के मुनाफे का दावा किया जा रहा है। उन्होंने इसे वित्तीय अनियमितता और आंकड़ों की हेराफेरी का मामला बताते हुए कहा कि यदि इतनी बड़ी देनदारी है, तो बैलेंस शीट में लाभ दिखाना समझ से परे है।

बागवानों की बढ़ती मुश्किलें

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बागवान पहले ही आर्थिक दबाव में हैं और अब भुगतान में देरी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा किसानों को टीएसओ (ट्री स्प्रे ऑयल) जैसी आवश्यक सामग्री भी समय पर उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। मजबूरी में किसानों को यह सामग्री बाजार से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है, जिससे उनकी लागत बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की जरूरतों को समझने में पूरी तरह विफल रही है।

विकास और भुगतान पर उठे सवाल

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्य ठप पड़े हैं, ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो रहा और अब बागवानों का पैसा भी अटका हुआ है। उन्होंने सरकार को “घोषणाओं की सरकार” बताते हुए कहा कि इसमें न नीति है और न नीयत।

भाजपा की मांगें

भाजपा ने इस मामले में सरकार से कई मांगें रखी हैं:

  • MIS के तहत लंबित ₹120.59 करोड़ का तुरंत भुगतान किया जाए

  • पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए

  • बागवानों को ब्याज सहित भुगतान दिया जाए

  • HPMC की बैलेंस शीट की स्वतंत्र ऑडिट करवाई जाए

  • CA स्टोर जैसी संपत्तियों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए

आंदोलन की चेतावनी

भाजपा प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बागवानों को उनका बकाया भुगतान नहीं किया, तो भाजपा प्रदेशभर में आंदोलन करेगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का बागवान आज आर्थिक संकट से जूझ रहा है, जबकि सरकार कागजों में मुनाफा दिखा रही है।

निष्कर्ष

MIS भुगतान को लेकर उठा यह विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। एक ओर बागवान अपने बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा और भी बड़ा रूप ले सकता है यदि इसका समाधान जल्द नहीं किया गया।