मंडी में दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण शिविर
प्रदेश सरकार की पहल पर हिमाचल प्रदेश दुग्ध उत्पादक सहकारी प्रसंघ के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में जिला मंडी के चक्कर और भरवान (कुन्नु) क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य दूध उत्पादक किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन, पशुपालन प्रबंधन और आधुनिक डेयरी तकनीकों के बारे में जानकारी देना था।
कई क्षेत्रों के किसानों ने लिया भाग
इस प्रशिक्षण शिविर में मझवार, चक्कर, सिद्धयानी और भरवाहन क्षेत्र की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े किसानों ने भाग लिया। किसानों को डेयरी प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिससे वे अपने पशुपालन व्यवसाय को अधिक लाभकारी बना सकें।
विशेषज्ञों ने दी वैज्ञानिक जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से आए विशेषज्ञों ने किसानों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान क्षेत्रीय प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण केंद्र जालंधर के प्रधानाचार्य डॉ. सत्यपाल कुरहे और वैज्ञानिक डॉ. दामिनी आर्य ने किसानों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को—
स्वच्छ दूध उत्पादन की तकनीक
पशुओं की उचित देखभाल और रखरखाव
संतुलित आहार प्रबंधन
दुधारू पशुओं की नस्ल और नस्ल सुधार
पशुओं में होने वाली बीमारियों की रोकथाम
जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
स्वच्छ दूध उत्पादन पर विशेष जोर
विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि स्वच्छ दूध उत्पादन के लिए पशुओं के स्वास्थ्य और डेयरी प्रबंधन का सही तरीके से पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दूध दुहने के समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए और पशुओं को संतुलित आहार देना चाहिए, जिससे दूध की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होता है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रयास
इस अवसर पर एचपी मिल्क फेड मंडी इकाई के प्रभारी विश्वकांत शर्मा ने बताया कि दुग्ध उत्पादक सहकारी प्रसंघ प्रदेश सरकार द्वारा बढ़ाए गए दूध के दामों का लाभ प्रत्येक किसान तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्रसंघ द्वारा दूध की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है।
गुणवत्ता के आधार पर मिल रहे बेहतर दाम
विश्वकांत शर्मा ने कहा कि दूध की गुणवत्ता और मात्रा के आधार पर किसानों को बेहतर दाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले दूध के उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि प्रदेश में डेयरी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
पशुपालन को बनाया जा रहा मजबूत आय का साधन
प्रदेश सरकार की पहल के तहत डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। दूध उत्पादकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर पशुपालन को एक मजबूत और स्थायी आय के स्रोत के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कई अधिकारी रहे उपस्थित
इस प्रशिक्षण शिविर में एचपी मिल्क फेड मंडी इकाई के पी एंड आई इंचार्ज लाभ सिंह ठाकुर, दूध अभिशीतन केंद्र कुन्नू के प्रभारी हितेश शर्मा, सिद्धयानी के प्रभारी चंदन शर्मा तथा मझवाड़ के प्रभारी भादर सिंह भी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने भी किसानों को डेयरी प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी और उन्हें आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डेयरी क्षेत्र में नए अवसर
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके माध्यम से दूध की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।