दूध MSP बढ़ने से पशुपालकों को बड़ा फायदा

rakesh nandan

02/04/2026

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में की गई बढ़ोतरी को किसानों और पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि इस फैसले से उनकी आमदनी में सुधार होगा और पशुपालन को लंबे समय तक जारी रखना आसान बनेगा।

मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने बजट में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए गाय और भैंस के दूध के MSP में वृद्धि की है। इसके अनुसार गाय के दूध का मूल्य ₹51 से बढ़ाकर ₹61 प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का MSP ₹61 से बढ़ाकर ₹71 प्रति लीटर कर दिया गया है। प्रति लीटर ₹10 की यह बढ़ोतरी छोटे और सीमांत पशुपालकों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

इस निर्णय का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की संभावना है। विशेष रूप से उन परिवारों के लिए, जो डेयरी गतिविधियों पर निर्भर हैं, यह बढ़ोतरी आय में स्थिरता और वृद्धि का माध्यम बन सकती है।

Una जिले में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। ठाकरां गांव के किसान जरनैल सिंह ने कहा कि दूध के दाम बढ़ने से पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा। उन्होंने इसे सरकार का सराहनीय कदम बताया।

इसी प्रकार अम्ब तहसील के चुरूड़ू गांव के विजय कुमार ने कहा कि उचित मूल्य मिलने से युवाओं का डेयरी क्षेत्र की ओर रुझान बढ़ेगा। उनका मानना है कि यदि उत्पाद का सही मूल्य सुनिश्चित हो, तो पशुपालन गांवों में स्थायी रोजगार का मजबूत विकल्प बन सकता है।

जिले में बड़ी संख्या में परिवार डेयरी गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में दूध के MSP में बढ़ोतरी से गांवों में नकदी प्रवाह बढ़ेगा, जिससे स्थानीय बाजारों में मांग भी बढ़ेगी। इसका सकारात्मक प्रभाव छोटे व्यापारियों और अन्य संबंधित व्यवसायों पर भी पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय केवल किसानों की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को व्यापक स्तर पर मजबूती मिलेगी। डेयरी गतिविधियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए इस फैसले से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

पिछले कुछ समय में राज्य सरकार द्वारा सहकारी ढांचे को मजबूत करने और डेयरी अवसंरचना के विकास की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। दूध के MSP में बढ़ोतरी को इन्हीं प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अलावा, इस निर्णय से पशुपालकों को बेहतर गुणवत्ता का दूध उत्पादन करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। जब किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलता है, तो वे उत्पादन में अधिक निवेश करने के लिए प्रेरित होते हैं।

कुल मिलाकर, दूध के MSP में बढ़ोतरी हिमाचल प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए एक सकारात्मक कदम है। यह न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा।