मेहली बनेगा मॉडल सोलर विलेज, मिलेगा 1 करोड़

rakesh nandan

06/04/2026

हिमाचल प्रदेश के Shimla जिले की मेहली ग्राम पंचायत को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक उपायुक्त Anupam Kashyap की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि मेहली पंचायत ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की हैं, जिसके चलते इसे इस योजना के तहत चयनित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ मेहली पंचायत को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी मिलेगा।

☀️ 10 गांवों में से मेहली अव्वल

पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिले में प्रारंभिक रूप से 10 गांवों का चयन किया गया था, जिनमें त्याल, छकड़ैल, दत्त नगर, कितबाड़ी, परहेच, शिंगला, सराहन, कुमारसैन, बौंडा और मेहली शामिल थे।

इन सभी पंचायतों को 28 फरवरी 2026 तक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का समय दिया गया था, लेकिन केवल मेहली पंचायत ही सभी मानकों पर खरी उतर पाई।

📊 जिले में सौर ऊर्जा की स्थिति

जिला में अब तक इस योजना के तहत कुल 657 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से:

  • 231 सोलर इंस्टॉलेशन पूर्ण हो चुके हैं
  • इनसे लगभग 803 किलोवाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हुई है
  • 231 इंस्टॉलेशन का निरीक्षण पूरा
  • 204 लाभार्थियों को सब्सिडी जारी

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में सौर ऊर्जा को लेकर धीरे-धीरे जागरूकता बढ़ रही है, हालांकि अभी इसमें और तेजी लाने की आवश्यकता है।

📢 जागरूकता बढ़ाने पर जोर

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनभागीदारी को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक सोलर रूफटॉप स्थापना पर पंचायत को 1,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिससे पंचायतों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।

🏆 आदर्श सोलर ग्राम के लिए पुरस्कार

योजना के तहत उस पंचायत का चयन किया जाता है, जहां सबसे अधिक सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए गए हों। ऐसी पंचायत को सौर ऊर्जा संवर्धन में योगदान के लिए 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना है।

⚡ योजना और पात्रता

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana को केंद्र सरकार द्वारा 29 फरवरी 2024 को स्वीकृति दी गई थी। इस योजना का उद्देश्य घरों को अपनी बिजली स्वयं उत्पन्न करने के लिए सक्षम बनाना है।

योजना के तहत:

  • 2 किलोवाट तक की सौर इकाई पर 60% सब्सिडी
  • 2 से 3 किलोवाट तक अतिरिक्त क्षमता पर 40% सब्सिडी
  • अधिकतम 3 किलोवाट तक लगभग 85,000 रुपये की सब्सिडी

पात्रता के लिए आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए, उसके पास उपयुक्त छत वाला घर और वैध बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है।

🔌 संचालन और प्रक्रिया

यह योजना Himurja द्वारा संचालित की जा रही है और राज्य विद्युत विभाग के माध्यम से लागू की जाती है।

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिसमें पहले स्वीकृति मिलती है और फिर अधिकृत वेंडर के माध्यम से सोलर पैनल स्थापित किए जाते हैं।

🌱 सोलर सिस्टम के फायदे

ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम के कई फायदे हैं:

  • बिजली बिल में कमी
  • छत की खाली जगह का उपयोग
  • अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं
  • बिजली वितरण प्रणाली पर कम दबाव
  • 1 किलोवाट सिस्टम से प्रतिदिन 3 से 4 यूनिट बिजली उत्पादन

🔚 निष्कर्ष

मेहली पंचायत का मॉडल सोलर विलेज के रूप में चयन न केवल जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।