घालूवाल में शहीद कुलवंत सिंह को अंतिम विदाई
जिला ऊना के घालूवाल गांव के वीर सपूत नायब सूबेदार कुलवंत सिंह को बुधवार को उनके पैतृक गांव में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का वातावरण दिखाई दिया। 40 वर्षीय शहीद नायब सूबेदार कुलवंत सिंह भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में भारतीय सेना की 56 आर्टिलरी ब्रिगेड की 908 फील्ड रेजिमेंट में तैनात थे।
अरुणाचल प्रदेश में सड़क हादसे में शहीद
नायब सूबेदार कुलवंत सिंह अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरि जिला में तैनात थे। 7 मार्च को वहां हुए एक सड़क हादसे में वे शहीद हो गए। मंगलवार को भारतीय सेना द्वारा हवाई मार्ग के माध्यम से शहीद कुलवंत सिंह का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ लाया गया, जहां से सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव घालूवाल पहुंचाया गया।
उपमुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
शहीद की अंतिम यात्रा में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवान कुलवंत सिंह का योगदान सदैव अमर रहेगा। उनका साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उपमुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा प्रदेश परिवार के साथ खड़ा है।
प्रशासन और सेना के अधिकारियों ने भी दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर जिला प्रशासन और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला ऊना के उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ तथा सेना के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर शहीद को नमन किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
नम आंखों से दी अंतिम विदाई
शहीद की अंतिम यात्रा घालूवाल गांव की गलियों से होकर निकली, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी और देश सेवा में उनके बलिदान को नमन किया। अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर और सैन्य सलामी दी गई।
2003 में सेना में हुए थे भर्ती
शहीद कुलवंत सिंह का जन्म वर्ष 1985 में हुआ था।
उन्होंने वर्ष 2003 में भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। लगभग दो दशकों तक सेना में सेवा देते हुए उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
परिवार में छोड़ गए माता, पत्नी और दो बेटे
शहीद कुलवंत सिंह अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी माता महिंदर कौर, पत्नी पूजा देवी, और दो बेटे रोहन चौधरी (13 वर्ष) तथा सूर्यांश (10 वर्ष) हैं। इसके अलावा उनके भाई सतवंत सिंह, भाभी मंजू देवी और भतीजा रूद्र प्रताप सिंह भी परिवार में शामिल हैं।
राष्ट्र सेवा में योगदान रहेगा अमर
नायब सूबेदार कुलवंत सिंह का बलिदान क्षेत्र और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनके साहस और देशभक्ति को सदैव याद किया जाएगा। उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा और राष्ट्रभक्ति के लिए प्रेरित करती रहेगी।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष देशराज गौतम, सेना के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन उपस्थित रहे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को नमन किया।