मंडी जिला परिषद परिसीमन का अंतिम प्रकाशन जारी
मंडी जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन संबंधी अंतिम प्रकाशन जारी कर दिया गया है। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज निर्वाचन नियम, 1994 के तहत जारी प्रारूप अधिसूचना पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर विचार करने के उपरांत यह अंतिम निर्णय लिया गया है।
नियम 9 के तहत प्रारूप अधिसूचना
उपायुक्त ने जानकारी दी कि अधिसूचना संख्या पीसीएन-एमएसडी-844-874 दिनांक 20 फरवरी 2026 को नियम 9 के अंतर्गत प्रारूप जारी किया गया था। इस प्रारूप पर आमजन से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का नियमानुसार परीक्षण किया गया। विचार-विमर्श के पश्चात अब निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन का अंतिम प्रकाशन जारी कर दिया गया है।
ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के बाद निर्णय
उन्होंने बताया कि जिला मंडी की ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन एवं विभाजन के पश्चात जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों का पुनः निर्धारण आवश्यक हो गया था। परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन क्षेत्रों का तार्किक और न्यायसंगत निर्धारण करना है।
10 दिन के भीतर आपत्तियां दर्ज करने का प्रावधान
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 10 के अंतर्गत यदि किसी व्यक्ति को परिसीमन संबंधी कोई आपत्ति या सुझाव हो तो वह अंतिम प्रकाशन की तिथि से 10 दिनों के भीतर उपायुक्त मंडी को प्रस्तुत कर सकता है। यह प्रावधान पारदर्शिता और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।
आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूची
जिला प्रशासन द्वारा संबंधित सूची को आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है। इच्छुक व्यक्ति जिला प्रशासन मंडी की वेबसाइट hpmandi.nic.in पर जाकर परिसीमन से संबंधित विवरण देख सकते हैं। इससे नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण
जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन पंचायत चुनावों की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक क्षेत्र को समुचित प्रतिनिधित्व मिले और निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से संचालित हो सके। परिसीमन प्रक्रिया में कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए प्रशासनिक संतुलन बनाए रखना अनिवार्य होता है।