निर्वाचन विभाग, हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में मंडी मंडल के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता नंदिता गुप्ता ने की, जो प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं प्रधान सचिव हैं।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करना था। इसके साथ ही इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रशिक्षण प्रदान करना भी प्रमुख लक्ष्य रहा।
कोई पात्र मतदाता न छूटे
नंदिता गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि SIR प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यशाला में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता
इससे पहले अपूर्व देवगन ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी का स्वागत किया और जिले में निर्वाचन संबंधी गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत निर्वाचन आयोग के सभी निर्देशों का पालन हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाएगा।
अधिकारियों को दी गई विशेष जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर एवं निर्वाचन अधिकारी उपेंद्र शुक्ला ने SIR की प्रक्रिया, संरचना और विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों की जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) और आईटी स्टाफ की भूमिका को विस्तार से समझाया, ताकि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन कर सकें।
आईटी एप्लीकेशन पर विशेष प्रशिक्षण
कार्यशाला में आईटी विशेषज्ञ वीरेंद्र चौहान ने SIR प्रक्रिया में उपयोग होने वाले विभिन्न आईटी एप्लीकेशनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जा सकता है। इसके अलावा अधिकारियों को डेटा एंट्री, ऑनलाइन सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
स्वीप और जनजागरूकता पर जोर
कार्यशाला के दौरान व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम (SVEEP) के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर लोगों को मतदान के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
दो सत्रों में हुआ प्रशिक्षण
कार्यशाला को दो मुख्य सत्रों में विभाजित किया गया।
पहले सत्र में SIR कार्यक्रम, ERO, AERO और आईटी स्टाफ की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।
दूसरे सत्र में नोडल अधिकारी मुंशी शर्मा ने बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की नियुक्ति और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी।
दोपहर बाद के सत्र में आईटी अनुप्रयोगों, जन शिकायतों के निवारण और मीडिया के उपयोग पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रश्न-उत्तर सत्र भी आयोजित
कार्यशाला के अंत में प्रश्न-उत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इससे अधिकारियों को अपनी शंकाओं को दूर करने और प्रक्रिया को बेहतर समझने में मदद मिली।
विभिन्न जिलों के अधिकारी रहे उपस्थित
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में अतिरिक्त उपायुक्त एवं उप-निर्वाचन अधिकारी गुरसिमर सिंह सहित मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पिति और बिलासपुर जिलों के अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और आईटी स्टाफ उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
यह कार्यशाला निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रभावी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और लोकतंत्र की प्रक्रिया मजबूत हो।