मंडी जिला में वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन को ध्यान में रखते हुए कोषागार से संबंधित महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए हैं। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि कोषागार द्वारा पारित निधि निकासी के सभी बिल 31 मार्च 2026 को शाम 5:00 बजे से पहले संबंधित बैंकों में प्रस्तुत किए जाएं।
यह निर्णय वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हर साल मार्च के अंतिम सप्ताह में कोषागारों और बैंकों में बिल प्रस्तुत करने वालों की संख्या अचानक बढ़ जाती है, जिससे कामकाज प्रभावित होता है। इस स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने पहले से ही समय सीमा निर्धारित कर दी है।
जारी आदेशों के अनुसार, निधि निकासी के सभी बिल 23 मार्च 2026 को शाम 5:00 बजे तक कोषागार में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया था। यह तिथि वित्त विभाग द्वारा तय की गई थी, ताकि बिलों की समय पर जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बिल समय पर पास हो जाएं और संबंधित बैंकों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इससे न केवल कार्य में तेजी आएगी, बल्कि अंतिम समय में होने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं से भी बचा जा सकेगा।
उन्होंने सभी विभागों, कार्यालयों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही के कारण बिल लंबित न रहें।
प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की अग्रिम योजना से न केवल कार्य प्रणाली में सुधार होता है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है। इससे सरकारी कार्यों में अनावश्यक देरी को रोका जा सकता है।
इसके अलावा, संबंधित बैंकों को भी निर्देशित किया गया है कि वे इन बिलों के भुगतान के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से ही पूरी रखें। बैंकिंग प्रणाली को सुचारू बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय के भीतर पूरी हों।
वित्तीय वर्ष के अंत में सरकारी विभागों के लिए यह एक महत्वपूर्ण समय होता है, क्योंकि इसी दौरान बजट का उपयोग और खातों का समापन किया जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की देरी से विभागीय कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
उपायुक्त ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इन निर्देशों का पालन करते हुए समय से पहले अपने कार्य पूरे करें। इससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आएगी, बल्कि आम जनता को भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, मंडी जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।