हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में पंचायती राज संस्थाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए उपायुक्त अपूर्व देवगन ने पुनर्गठित एवं नवगठित ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा बैठकों के आयोजन के आदेश जारी किए हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर मतदाता सूचियों की सटीकता सुनिश्चित करना है।
उपायुक्त द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, संबंधित खंड विकास अधिकारियों (BDO) को इन विशेष ग्राम सभा बैठकों के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है। यह कदम राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश के निर्देशों के अनुरूप उठाया गया है, ताकि पंचायत चुनावों की तैयारी पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से की जा सके।
इस प्रक्रिया के अंतर्गत जिला मंडी के विभिन्न विकास खंडों की कई ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इनमें धनोटू, निहरी, धर्मपुर, गोपालपुर, द्रंग (पद्धर), गोहर, चौंतड़ा, सदर, बल्ह, करसोग, सुंदरनगर और बालीचौकी जैसे विकास खंडों की पंचायतें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नवगठित पंचायतों में भी यह बैठकें आयोजित होंगी।
इन बैठकों में मुख्य रूप से मसौदा मतदाता सूची (Draft Voter List) के पूर्वावलोकन (Preview) से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। पंचायतों के पुनर्गठन और विभाजन के कारण नई मतदाता सूची तैयार की जा रही है, जिसे अंतिम रूप देने से पहले ग्राम सभा के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे। ग्राम सभा के सदस्य सूची का अवलोकन करेंगे और यदि कोई गलती या कमी पाई जाती है, तो उसे सुधारने के लिए सुझाव देंगे। इससे अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बन सकेगी।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन ग्राम पंचायतों में वर्तमान में प्रधान का पद रिक्त है, वहां खंड विकास अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में विशेष ग्राम सभा बैठक बुलाने के लिए अधिकृत होंगे। यह व्यवस्था प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए की गई है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बैठक आयोजित करने से कम से कम तीन दिन पूर्व नोटिस जारी किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन बैठकों में भाग ले सकें। इसके साथ ही, पंचायत सचिवों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि प्रारूप मतदाता सूची की प्रति ग्राम सभा के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
यह पहल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्राम सभा स्तर पर मतदाता सूची की समीक्षा से स्थानीय लोगों को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर मिलता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूती मिलती है और लोगों में चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। पंचायत चुनावों में सही मतदाता सूची का होना बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही सूची चुनाव की नींव होती है।
अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे इन बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक प्रयास पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।