पुराने मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश
Apoorv Devgan की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में 1 जनवरी से 15 फरवरी तक निपटाए गए राजस्व अदालती मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक पुराने सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए तथा लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाई जाए।
तकसीम, निशानदेही और दुरुस्ती पर विशेष फोकस
उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के लंबित रहने से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य निर्धारित करे। विशेष रूप से तकसीम, निशानदेही और राजस्व दुरुस्ती से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि एक वर्ष से अधिक पुराना कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।
31 मार्च तक पूरे हों लंबित कार्य
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन पटवार भवनों का निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, उन्हें 31 मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए। वर्ष 2023-24 और 2024-25 की लंबित जमाबंदियों को भी 31 मार्च तक पूर्ण करने के आदेश दिए गए। राहत से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश भी दिए गए।
स्वामित्व योजना की समीक्षा
उपायुक्त ने स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संतोष व्यक्त किया और शेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित उपमंडलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।