मंडी में पीएमएफएमई योजना के 251 प्रकरण स्वीकृत

rakesh nandan

20/03/2026

मंडी जिला में सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिककरण योजना (PMFME) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसके बाद कुल 251 प्रकरणों को समिति द्वारा अनुमोदित किया गया।

सूक्ष्म उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा

इन प्रकरणों की स्वीकृति से जिले में:

  • सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मजबूती मिलेगी

  • नए उद्यम स्थापित होंगे

  • युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे

यह कदम स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने में सहायक सिद्ध होगा।

प्रदेश में तीसरे स्थान पर मंडी

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि मंडी जिला इस योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश में तीसरे स्थान पर है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय को और मजबूत करें, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

लंबित मामलों के शीघ्र निपटान के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि:

  • लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए

  • नए आवेदनों को समय सीमा में स्वीकृति दी जाए

  • प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाए

इससे युवाओं और उद्यमियों को समय पर सहायता मिल सकेगी।

दूरदराज क्षेत्रों पर विशेष ध्यान

उपायुक्त ने विशेष रूप से कहा कि योजना का प्रचार-प्रसार जिले के दूरदराज क्षेत्रों तक किया जाए। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में लोग योजनाओं की जानकारी के अभाव में लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

35% तक सब्सिडी का लाभ

इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र मंडी की महाप्रबंधक नेहा चौहान ने योजना की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि:

  • योजना के तहत 35% तक क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है

  • अधिकतम ₹10 लाख तक की सहायता उपलब्ध है

यह सब्सिडी सूक्ष्म उद्यमियों को:

  • नया व्यवसाय शुरू करने

  • पुराने व्यवसाय का विस्तार करने

  • आधुनिक तकनीक अपनाने

में मदद करती है।

बैंक और विभागों की भूमिका

बैठक में बैंकिंग संस्थानों और विभिन्न विभागों की भूमिका पर भी चर्चा की गई।

  • बैंक ऋण स्वीकृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

  • विभाग योजना के क्रियान्वयन और निगरानी में सहयोग करते हैं

स्थानीय लोगों की भागीदारी

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा:

  • स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्य

  • एफपीओ (FPO) प्रतिनिधि

भी उपस्थित रहे, जो इस योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना का मुख्य उद्देश्य है:

  • स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना

  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना

  • युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना

यह योजना “आत्मनिर्भर भारत” के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करती है।

निष्कर्ष

मंडी में 251 प्रकरणों की स्वीकृति इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो आने वाले समय में और अधिक युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसर मिल सकते हैं।