मंडी में 22 मई को पेंशन, फंड अदालत एवं लेखा कार्यशाला आयोजित होगी
जिला स्तर पर पेंशन, फंड अदालत एवं लेखा कार्यशाला का आयोजन 22 मई 2026 को डीआरडीए सम्मेलन कक्ष, मंडी में किया जाएगा। यह कार्यशाला दो चरणों में आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के आहरण एवं वितरण अधिकारी (डीडीओ) भाग लेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य पेंशन और सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) मामलों के निपटारे में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।
जिला कोष अधिकारी परीक्षित मिन्हास ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) के निर्देशों के अनुसार इस कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पेंशन एवं सामान्य भविष्य निधि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पेंशन और लेखा संबंधी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना तथा मामलों के समय पर निपटारे को सुनिश्चित करना है। इसके माध्यम से हितधारकों को होने वाली समस्याओं का समाधान भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
जिला कोष अधिकारी ने मंडी जिला के सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने कार्यालयों से एक-एक प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों को पेंशन, सामान्य भविष्य निधि और लेखा प्रक्रियाओं से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश और तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी।
परीक्षित मिन्हास ने बताया कि कार्यशाला दो चरणों में आयोजित होगी। पूर्वाह्न सत्र में डीडीओ संख्या 001 से 245 तक के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जबकि अपराह्न सत्र में डीडीओ संख्या 246 से 982 तक के प्रतिनिधियों की उपस्थिति निर्धारित की गई है। इससे कार्यशाला का संचालन व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के पेंशन और जीपीएफ मामलों का समय पर निपटारा अत्यंत आवश्यक है। कई बार तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से मामलों में देरी हो जाती है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को पेंशन मामलों के निपटारे की प्रक्रिया, दस्तावेजों की जांच, ऑनलाइन प्रणाली के उपयोग, सामान्य त्रुटियों तथा समयबद्ध कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा सामान्य भविष्य निधि मामलों के निपटारे में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी।
जिला कोष अधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। पेंशन और लेखा संबंधी कार्य सीधे कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों को नवीन दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं की जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे विभागीय कार्यों में तेजी और सटीकता लाई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्यशालाएं सरकारी विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल अधिकारियों की जानकारी में वृद्धि होती है बल्कि आम कर्मचारियों और पेंशनरों को भी लाभ मिलता है।
जिला प्रशासन और कोष विभाग का प्रयास है कि सभी पेंशन एवं फंड संबंधी मामलों का निपटारा निर्धारित समय सीमा के भीतर हो और किसी भी हितधारक को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
परीक्षित मिन्हास ने सभी संबंधित अधिकारियों से समय पर कार्यशाला में भाग लेने और इसे सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से विभागीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
कार्यशाला के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।