जिला मंडी में मनरेगा और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त Apurva Devgan ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मनरेगा के अंतर्गत लंबित सभी कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए और योजनाओं की प्रगति को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त खंड विकास अधिकारियों की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें MGNREGA, Swachh Bharat Mission, Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin, National Rural Livelihood Mission, 15वें वित्त आयोग और अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं के कार्यों की प्रगति नियमित रूप से संबंधित पोर्टल पर अपडेट की जाए, ताकि निगरानी प्रणाली प्रभावी बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि जो कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, उन्हें पोर्टल से हटाया जाए, जिससे डेटा की सटीकता बनी रहे।
ई-केवाईसी प्रक्रिया को एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश
उपायुक्त ने विशेष रूप से मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में प्रगति संतोषजनक नहीं रही, तो इसकी दैनिक समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य को मिशन मोड में पूरा किया जाए, ताकि श्रमिकों को समय पर रोजगार और भुगतान मिल सके।
मनरेगा में मंडी का बेहतर प्रदर्शन
उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा कार्यों के क्रियान्वयन में मंडी जिला प्रदेश में अग्रणी रहा है। वर्तमान में जिले में 9396 कार्य प्रगति पर हैं।
जिले में कुल 3,06,887 पंजीकृत श्रमिकों में से 2,64,344 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जो 86.15 प्रतिशत है। इसके अलावा 66.49 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 59.80 लाख मानव दिवस अर्जित किए गए हैं, जो 89.93 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है।
उपायुक्त ने कहा कि यह उपलब्धि सराहनीय है, लेकिन अभी भी सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय स्तर पर किए जा रहे सभी कार्यों को भी पोर्टल पर दर्ज किया जाए, ताकि उनकी सही समीक्षा हो सके।
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर विशेष जोर
बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मियों के मौसम में सिंगल यूज प्लास्टिक का समय पर संग्रहण सुनिश्चित किया जाए, ताकि इसे सड़क निर्माण कार्यों में उपयोग किया जा सके। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।
योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे करने से न केवल योजनाओं की सफलता सुनिश्चित होगी, बल्कि लोगों का सरकार पर विश्वास भी मजबूत होगा।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक तथा जिले के सभी खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, जिला प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट है कि मंडी में विकास कार्यों को गति देने के लिए सख्त निगरानी और जवाबदेही तय की जा रही है। यदि इन निर्देशों का सही पालन किया गया, तो आने वाले समय में जिले में विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन देखने को मिल सकता है।