हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में व्यावसायिक रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति और वितरण प्रणाली को सुचारू बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में हुई इस बैठक में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति, वितरण में आ रही समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एलपीजी गैस की आपूर्ति शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य संस्थानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं तक समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वितरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने विशेष रूप से उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने उपभोक्ताओं से भी अपील की कि वे केवल आवश्यकता के अनुसार ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें। अनावश्यक पैनिक बुकिंग या सिलेंडरों का भंडारण न करें, क्योंकि इससे वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है और अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि एलपीजी के अनाधिकृत भंडारण और अधिक मूल्य वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। हाल ही में सरकाघाट क्षेत्र में 13 और ढलवान क्षेत्र में 2 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं, जो इस दिशा में प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक बृजेंद्र पठानिया ने बैठक का संचालन करते हुए जानकारी दी कि जिले में कुल 24 गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियों को नियमित और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंधक गौरव जौहर और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एरिया मैनेजर नवीन कुमार ने बैठक में बताया कि जिले में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है और गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
उन्होंने यह भी बताया कि गैस एजेंसियों द्वारा निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी उपभोक्ता को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी दीपाली शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा यशवीर कुमार, प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी हरि चंद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भारत पेट्रोलियम के एरिया मैनेजर नवीन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।
अंत में कहा जा सकता है कि मंडी जिला प्रशासन एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आम जनता को जागरूक करने के प्रयास भी लगातार जारी हैं।
