मंडी में पशुओं का टीकाकरण अभियान, 16 मई तक चलेगा

rakesh nandan

08/04/2026

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पशुधन को खतरनाक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने एक विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गायों और भैंसों को मुंह-खुर रोग (Foot and Mouth Disease) से सुरक्षित करना है, जो पशुओं के लिए अत्यंत घातक और तेजी से फैलने वाली बीमारी मानी जाती है।

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. मुकेश महाजन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है और 16 मई, 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान विभाग के कर्मचारी गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं को नि:शुल्क टीके लगाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत केवल टीकाकरण ही नहीं, बल्कि पशुओं का डिजिटल पंजीकरण भी किया जा रहा है। सभी पशुओं का डेटा “भारत पशुधन” पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पशुधन प्रबंधन और स्वास्थ्य निगरानी को बेहतर बनाया जा सके। यह पहल आधुनिक तकनीक के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

🔹 मुंह-खुर रोग के लक्षण और पहचान

डॉ. महाजन ने बताया कि पशुपालक कुछ सामान्य लक्षणों के माध्यम से इस बीमारी की पहचान कर सकते हैं। यदि किसी पशु को तेज बुखार हो, मुंह से अत्यधिक लार टपक रही हो, या जीभ और खुरों में घाव दिखाई दें, तो यह मुंह-खुर रोग के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत सतर्क होने की आवश्यकता है।

यह बीमारी न केवल पशुओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय पर भी गंभीर असर डालती है। इसलिए समय पर पहचान और रोकथाम बेहद जरूरी है।

🔹 बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

पशुपालन विभाग ने पशुपालकों को कई महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  • बीमार पशु को तुरंत स्वस्थ पशुओं से अलग रखें
  • नया पशु खरीदने पर उसकी जांच करवाएं
  • कुछ दिनों तक नए पशु को अलग रखें, फिर झुंड में शामिल करें
  • पशुशाला की नियमित सफाई करें
  • कीटाणुनाशक का छिड़काव करते रहें

इन उपायों से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और पशुधन को सुरक्षित रखा जा सकता है।

🔹 पशुपालकों से सहयोग की अपील

डॉ. मुकेश महाजन ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे इस टीकाकरण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और विभागीय टीम को पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराना और समय पर पशुओं को टीका लगवाना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि पशुपालक इस अभियान का लाभ उठाते हैं, तो वे अपने पशुधन को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं और आर्थिक नुकसान से भी बच सकते हैं। यह अभियान न केवल पशुओं के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

🔹 आधुनिक पशुपालन की दिशा में कदम

“भारत पशुधन” पोर्टल के माध्यम से पशुओं का ऑनलाइन पंजीकरण एक आधुनिक और डिजिटल पहल है, जिससे भविष्य में पशुधन की निगरानी और प्रबंधन आसान होगा। इससे पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेगा।


कुल मिलाकर, मंडी जिले में चलाया जा रहा यह टीकाकरण अभियान पशुधन की सुरक्षा और पशुपालकों की आर्थिक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि सभी पशुपालक इसमें सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तो जिले को मुंह-खुर रोग जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।