जिला मंडी में सिविल सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत “भविष्य सेतु” कार्यक्रम के अंतर्गत सिविल सर्विसिज प्रीमियर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला डीआरडीए हॉल में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त अपूर्व देवगन ने की।
कार्यक्रम का उद्देश्य आईएएस और एचपीएएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सही मार्गदर्शन प्रदान करना था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा उपस्थित रहे।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने अपने संबोधन में कहा कि सिविल सेवाएं युवाओं के लिए देश और समाज की सेवा का एक सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा सही दिशा में निरंतर प्रयास करें और सकारात्मक सोच बनाए रखें, तो वे निश्चित रूप से इन कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने अभ्यर्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने और उसके अनुसार रणनीति बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट लक्ष्य के सफलता प्राप्त करना कठिन होता है, इसलिए युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहना चाहिए।
उपायुक्त ने नियमित अध्ययन, मॉक टेस्ट और उत्तर लेखन अभ्यास को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि इन तीनों पहलुओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि समय प्रबंधन सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने युवाओं को समसामयिक विषयों पर मजबूत पकड़ बनाने की सलाह दी और कहा कि अखबार पढ़ना, समाचारों का विश्लेषण करना और वर्तमान घटनाओं को समझना इस परीक्षा के लिए जरूरी है।
अपूर्व देवगन ने बताया कि “भविष्य सेतु” कार्यक्रम जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को करियर मार्गदर्शन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत भविष्य में जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई संस्थानों में भी इस प्रकार की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
कार्यशाला के दौरान परिवीक्षाधीन अधिकारियों डॉ. जितेन्द्र चंदेल और डॉ. मनु वर्मा ने अभ्यर्थियों को सिविल सेवा परीक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने परीक्षा के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, उत्तर लेखन तकनीक, समय प्रबंधन और वैकल्पिक विषय के चयन पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को नियमित रूप से उत्तर लेखन का अभ्यास करना चाहिए, क्योंकि यह परीक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने समसामयिक घटनाओं की जानकारी को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में डाउट क्लियरिंग सेशन और प्रश्न-उत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें अभ्यर्थियों ने अपने सवाल पूछे और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया। इस सत्र में अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उपयोगी सुझाव दिए, जिससे अभ्यर्थियों को काफी लाभ मिला।
जिला रोजगार अधिकारी अरविंद सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारियों और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया।
अंत में, यह कहा जा सकता है कि “भविष्य सेतु” कार्यक्रम के तहत आयोजित यह कार्यशाला युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक पहल है। इससे न केवल उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि वे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे।