मंडी में हैम रेडियो प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

rakesh nandan

28/03/2026

हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मंडी में 6 दिवसीय एमेच्योर एवं कम्युनिटी रेडियो (हैम) प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम Himachal Pradesh State Disaster Management Authority के मार्गदर्शन में तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के समन्वय से आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम 23 मार्च से 28 मार्च तक हिमाचल प्रदेश जल शक्ति विभाग के राज्य प्रशिक्षण केंद्र, डांगसीधार (मंडी) में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में संचार व्यवस्था को मजबूत बनाना और वैकल्पिक संचार माध्यमों की जानकारी देना था।

समापन अवसर पर उपायुक्त Apoorv Devgan मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आपदा के समय संचार व्यवस्था का बाधित होना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होता है। ऐसे समय में हैम रेडियो एक विश्वसनीय और प्रभावी माध्यम के रूप में सामने आता है, जो आपातकालीन स्थितियों में भी संचार बनाए रखने में सक्षम होता है।

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रशिक्षित व्यक्ति तैयार होते हैं, जो संकट की घड़ी में संचार व्यवस्था को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को एमेच्योर रेडियो संचालन, संचार तकनीक और आपदा के समय वैकल्पिक संचार नेटवर्क स्थापित करने के बारे में विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को उपकरणों के उपयोग, सिग्नल ट्रांसमिशन, आपातकालीन संचार प्रोटोकॉल और फील्ड में काम करने के तरीकों से अवगत कराया गया।

इस प्रशिक्षण में केंद्रीय संचार मंत्रालय के सेवानिवृत्त डीडीजी वी.के. आर्य और दिल्ली हैम रेडियो संस्थान की सचिव कुसुम ने स्रोत व्यक्ति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान के आधार पर प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया।

उपायुक्त ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उन्हें इस कौशल को एक हॉबी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि इसे नियमित अभ्यास के रूप में अपनाया जाए, तो इसमें दक्षता हासिल की जा सकती है और आपदा के समय बेहतर योगदान दिया जा सकता है।

हैम रेडियो तकनीक विशेष रूप से उन परिस्थितियों में उपयोगी होती है, जब मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट या अन्य संचार माध्यम विफल हो जाते हैं। प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ या भूस्खलन के दौरान यह तकनीक राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए एक मजबूत नेटवर्क तैयार करने की दिशा में कदम उठाया गया है। इससे न केवल प्रशासन को मदद मिलेगी, बल्कि आम नागरिक भी आपदा के समय अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

कुल मिलाकर, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल साबित हुआ है। इससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी और संचार व्यवस्था को बेहतर तरीके से बनाए रखा जा सकेगा।