मंडी में HAM रेडियो आपदा प्रशिक्षण शुरू

rakesh nandan

23/03/2026

हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मंडी में “हैम (HAM) रेडियो – आपातकालीन स्थितियों और आपदाओं के दौरान वैकल्पिक संचार” विषय पर छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। यह प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी के संयुक्त तत्वावधान में जल शक्ति विभाग के राज्य प्रशिक्षण केंद्र, मंडी में आयोजित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अपूर्व देवगन की उपस्थिति में हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 मार्च से 28 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लगभग 70 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्रीय संचार विभाग के सेवानिवृत्त डीडीजी वी.के. आर्य और दिल्ली हैम रेडियो संस्थान की सचिव कुसुम बतौर स्रोत व्यक्ति (Resource Person) उपस्थित हैं। वे प्रतिभागियों को हैम रेडियो के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को हैम रेडियो संचालन का व्यावहारिक ज्ञान देना और आपातकालीन संचार प्रणालियों को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान अक्सर पारंपरिक संचार माध्यम जैसे मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो जाती हैं, ऐसे में हैम रेडियो एक विश्वसनीय और प्रभावी वैकल्पिक संचार माध्यम के रूप में कार्य करता है।

उन्होंने बताया कि आपदा की स्थिति में संचार व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे समय में हैम रेडियो के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से किया जा सकता है, जिससे राहत और बचाव कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सकता है।

इस प्रशिक्षण में मंडी, लाहौल-स्पिति, बिलासपुर, कुल्लू और हमीरपुर जिलों से आए प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। इनमें जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी, गृह रक्षक वाहिनी, अग्निशमन सेवाएं, पुलिस (सीटीएस), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राजस्व विभाग, सामुदायिक रेडियो ऑपरेटर, डीआईएजी और “आपदा मित्र” स्वयंसेवक शामिल हैं।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को हैम रेडियो की तकनीकी संरचना, संचालन प्रक्रिया, आपातकालीन परिस्थितियों में इसका उपयोग और संचार नेटवर्क को बनाए रखने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा उन्हें व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से भी प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में इसका प्रभावी उपयोग कर सकें।

कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण और प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण समन्वयक नरेंद्र कैथ भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी आपदा प्रबंधन में संचार की भूमिका पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल तकनीकी कौशल को बढ़ाने में सहायक है, बल्कि यह आपदा प्रबंधन प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे जनहानि और नुकसान को कम किया जा सकेगा।

अंत में कहा जा सकता है कि मंडी में आयोजित यह HAM रेडियो प्रशिक्षण कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल है, जो भविष्य में आपदाओं के दौरान बेहतर संचार व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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