मंडी में EVM जांच प्रक्रिया का निरीक्षण

rakesh nandan

19/03/2026

हिमाचल प्रदेश में निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए मंडी जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की प्रथम स्तर जांच (FLC) प्रक्रिया का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया का निरीक्षण नंदिता गुप्ता ने स्वयं किया।

यह जांच जिला निर्वाचन कार्यालय मंडी द्वारा भ्यूली स्थित ईवीएम वेयरहाउस में आयोजित की गई, जहां मशीनों की तकनीकी और सुरक्षा मानकों के अनुसार विस्तृत जांच की गई। इस दौरान अपूर्व देवगन भी उपस्थित रहे।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि EVM जांच प्रक्रिया को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि चुनाव में उपयोग होने वाली मशीनें पूरी तरह सुरक्षित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हों।

तकनीकी जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल का अवलोकन

निरीक्षण के दौरान नंदिता गुप्ता ने EVM मशीनों की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मशीनों के परीक्षण, सीलिंग प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों पर संतोष व्यक्त किया।

इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मशीन की तकनीकी जांच की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मशीनें किसी भी प्रकार की खराबी से मुक्त हैं।

एफएलसी प्रक्रिया का महत्व

उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्व देवगन ने बताया कि प्रथम स्तर जांच (FLC) प्रक्रिया निर्वाचन प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी EVM मशीनें आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में मशीनों की तकनीकी जांच के साथ-साथ उनकी सुरक्षा, स्टोरेज और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण किया जाता है।

राजनीतिक दलों की मौजूदगी

इस निरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया।

इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संजय शर्मा और भारतीय जनता पार्टी के एडवोकेट करणवीर सिंह ने भी पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया।

यह पहल सुनिश्चित करती है कि सभी पक्षों को प्रक्रिया की जानकारी हो और चुनाव प्रणाली में विश्वास बना रहे।

अन्य अधिकारी भी रहे उपस्थित

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, तहसीलदार (निर्वाचन) राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

इन सभी अधिकारियों ने प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निष्कर्ष

मंडी में आयोजित EVM की प्रथम स्तर जांच प्रक्रिया निर्वाचन प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मशीनों की तकनीकी विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी मजबूत होता है।

इस प्रकार की पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रियाएं लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं और यह सुनिश्चित करती हैं कि चुनाव निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से संपन्न हों।