Rupinder Kaur, जो वाहन पंजीयन एवं अनुज्ञापन अधिकारी भी हैं, ने जानकारी देते हुए बताया कि मंडी में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के टेस्ट के लिए तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। यह टेस्ट 7 अप्रैल और 28 अप्रैल को आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि यह ड्राइविंग टेस्ट मंडी के छोटा पड्डल क्षेत्र में बैडमिंटन कोर्ट के सामने वाली सड़क पर आयोजित होंगे। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर अपनी ड्राइविंग क्षमता का प्रदर्शन करना होगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ड्राइविंग टेस्ट में भाग लेने के लिए सभी उम्मीदवारों को अपने आवेदन फॉर्म को पूर्ण रूप से भरकर लाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही फॉर्म पर फोटो लगाना और उसे फाइल में संलग्न करना भी जरूरी है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना फोटो, अधूरे भरे हुए फॉर्म या बिना फाइल के लाए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसलिए उम्मीदवारों को पहले से सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है।
स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि 7 अप्रैल को होने वाले टेस्ट के लिए स्लॉट बुकिंग 1 अप्रैल से शुरू होगी। वहीं, 28 अप्रैल को होने वाले टेस्ट के लिए स्लॉट बुकिंग 22 अप्रैल को प्रातः 11:30 बजे से शुरू की जाएगी।
उम्मीदवारों को अपने स्लॉट की बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से ही करनी होगी। इसके लिए उन्हें Parivahan पोर्टल का उपयोग करना होगा। इस पोर्टल के माध्यम से उम्मीदवार आसानी से अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट का चयन कर सकते हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए यह टेस्ट एक महत्वपूर्ण चरण होता है, जिसमें उम्मीदवार की ड्राइविंग कौशल, ट्रैफिक नियमों की समझ और सड़क पर सुरक्षित वाहन चलाने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग प्रणाली काफी उपयोगी साबित हो रही है। इससे उम्मीदवारों को लंबी कतारों और अनावश्यक देरी से बचने में मदद मिलती है।
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले स्लॉट बुक कर लें और निर्धारित तिथि व समय पर टेस्ट के लिए उपस्थित हों। साथ ही सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच पहले ही कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
कुल मिलाकर, मंडी में आयोजित होने वाले ये ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हैं, जिसके माध्यम से वे वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं और सुरक्षित ड्राइविंग की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।