मंडी में ₹5440 करोड़ की जिला ऋण योजना जारी

rakesh nandan

31/03/2026

जिला मंडी में आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 के लिए एक व्यापक जिला ऋण योजना जारी की गई है। उपायुक्त Apurva Devgan द्वारा जारी इस योजना के तहत जिले में विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए कुल ₹5440.45 करोड़ का ऋण लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यह योजना कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), स्वरोजगार, उद्योग और सेवा क्षेत्र जैसे प्रमुख क्षेत्रों को वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। प्रशासन का मानना है कि इस योजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जारी आंकड़ों के अनुसार, इस कुल ऋण लक्ष्य में प्राथमिकता क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है। प्राथमिकता क्षेत्र के लिए लगभग ₹4450.14 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि गैर-प्राथमिकता क्षेत्र के लिए ₹990.30 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

प्राथमिकता क्षेत्र में कृषि को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। इस क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 53.74 प्रतिशत तय की गई है, जो दर्शाता है कि कृषि और इससे जुड़े कार्यों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त MSME क्षेत्र को 33.78 प्रतिशत और अन्य प्राथमिकता क्षेत्रों को 12.48 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया है।

उपायुक्त ने कहा कि जिला ऋण योजना किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। इसके माध्यम से किसानों, युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों और छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कृषि, बागवानी, पशुपालन, स्वरोजगार और लघु उद्योगों से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने बैंकिंग संस्थानों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बैंकों के सक्रिय सहयोग से ही इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर ऋण वितरण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा।

इस योजना के निर्माण में विभिन्न विभागों और संस्थानों का समन्वय भी महत्वपूर्ण रहा है। एलडीएम Chandra Prakash ने बताया कि जिला ऋण योजना को तैयार करने के लिए जिला प्रशासन, NABARD, विभिन्न बैंकों और संबंधित विभागों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

उन्होंने कहा कि योजना बनाते समय जिले की भौगोलिक स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न क्षेत्रों की संभावनाओं को ध्यान में रखा गया है। इसका उद्देश्य एक यथार्थवादी और प्रभावी ऋण योजना तैयार करना है, जिससे विकास के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, बल्कि उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलता है।

कृषि और MSME जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और स्थानीय बाजारों को भी मजबूती मिलेगी। इससे जिले की समग्र आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, मंडी जिले के लिए जारी की गई ₹5440 करोड़ की यह जिला ऋण योजना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति देगी, बल्कि जिले के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायक साबित होगी।