हिमाचल प्रदेश के Mandi में आपदा जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा एक नागरिक एकजुटता मार्च का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 1905 Kangra earthquake की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन को आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।
इस जागरूकता मार्च को अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह तथा अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी-सह-सीईओ डीडीएमए डॉ. मदन कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया और उत्साहपूर्वक अपनी सहभागिता दर्ज करवाई।
इस रैली में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या) मंडी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बगला, तलयाहड़ तथा दयानंद आर्य विद्या मंदिर (विक्टोरिया ब्रिज) के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। विद्यार्थियों ने पूरे जोश के साथ रैली में भाग लेकर आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
रैली डीसी कार्यालय परिसर से प्रारंभ होकर आईटीआई मंडी तक पहुंची और इसके बाद सेरी मंच पर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में विद्यार्थियों ने विभिन्न जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को सतर्क रहने और आपदा के प्रति तैयार रहने का संदेश दिया।
विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए नारे इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे।
उन्होंने कहा—
“1905 की वो खामोश चीख, आज भी देता हमें सीख, सपने जो मलबे में सो गए अब ना दोहराएं वो दर्दनाक रीत!”
“1905 की वो तबाही आज हमें जगाती है, आपदा से लड़ने की तैयारी ही काम आती है!”
और
“आपदा प्रबंधन को अपनाएं, जीवन को सुरक्षित बनाएं!”
इन नारों के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों को यह समझाने का प्रयास किया कि आपदाओं से बचाव के लिए पूर्व तैयारी और जागरूकता कितनी जरूरी है।
कार्यक्रम के समापन पर सेरी मंच पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके योगदान के लिए जलपान वितरित किया गया। अधिकारियों ने छात्रों के उत्साह और सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ऐसे अभियान अधिक प्रभावी बनते हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को आपदा प्रबंधन, सुरक्षा उपायों और जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जागरूक करना था। साथ ही, वर्ष 1905 में आई त्रासदी में प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जिले को आपदा-रोधी बनाया जा सके और लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बनी रहे।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश जैसे भूकंप संभावित क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे लोगों में न केवल जागरूकता बढ़ती है, बल्कि वे आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने के लिए भी तैयार रहते हैं।
कुल मिलाकर, मंडी में आयोजित यह नागरिक एकजुटता मार्च लोगों को आपदा के प्रति सचेत करने और सुरक्षित जीवन के प्रति प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।