मंडी में DC की बैठक, दिव्यांग व कल्याण योजनाओं की समीक्षा

rakesh nandan

27/03/2026

हिमाचल प्रदेश के मंडी में उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय सभागार में विभिन्न जिला स्तरीय समितियों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में दिव्यांगता अधिकार अधिनियम 2016, राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999, मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम 2013, प्रधानमंत्री का नया 15-सूत्रीय कार्यक्रम तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को पारदर्शिता और गंभीरता के साथ धरातल पर लागू किया जाए, ताकि जरूरतमंद वर्गों को वास्तविक लाभ मिल सके।


♿ दिव्यांगजनों के लिए सुगमता बढ़ाने पर जोर

दिव्यांगता समिति की बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2019 और सुगम्य भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कार्यालय में लिफ्ट निर्माण कार्य जारी है, जबकि मंडी बस स्टैंड में दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए अलग प्रतीक्षालय बनाने का प्रस्ताव निगम द्वारा उच्च स्तर पर भेजा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि जिन दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उन्हें मिशन मोड में तैयार किया जाए। जिले में अभी तक 7632 यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 1950 मामले लंबित हैं। मार्च माह में आयोजित 20 मेडिकल बोर्डों में 661 मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए गए।


👨‍👩‍👧‍👦 92 दिव्यांग बच्चों को मिला कानूनी संरक्षण

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत जिले में 92 दिव्यांग बच्चों के लिए कानूनी संरक्षक नियुक्त किए गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन पात्र बच्चों के संरक्षक अभी तक नियुक्त नहीं हुए हैं, उनके मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान एक नए मामले को भी स्वीकृति प्रदान की गई।


🏘️ अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की समीक्षा

प्रधानमंत्री के 15-सूत्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत अल्पसंख्यकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में आईसीडीएस सेवाओं की प्रगति का आकलन किया गया और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), शहरी आजीविका मिशन (NULM) और मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक एवं वित्त निगम द्वारा 3 मामलों में 25 लाख रुपये की ऋण सहायता प्रदान की गई है, जो आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।


🧹 सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम 2013 के अंतर्गत आयोजित बैठक में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर विशेष चर्चा की गई।उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैनहोल की सफाई में लगे कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण समय पर उपलब्ध हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मैनहोल से निकाले गए मल को खुले में फेंकना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों को उनके सेवा लाभ समय पर प्रदान करने के निर्देश भी दिए गए।


⚖️ SC/ST अत्याचार मामलों की समीक्षा

अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत जिले में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में विभिन्न न्यायालयों में कुल 133 मामले लंबित हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।


👥 बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठकों में नगर निगम महापौर वीरेन्द्र भट्ट शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसीमर सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु, नगर निगम आयुक्त रोहित राठौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे।


🔍 निष्कर्ष

यह बैठक समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा और उन्हें प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल तक पहुंचाकर वास्तविक लाभ सुनिश्चित करना है।