मंडी में 5,673 करोड़ के ऋण वितरित लक्ष्य पूरे करने के निर्देश

rakesh nandan

09/06/2026

मंडी में 5,673.78 करोड़ रुपये के ऋण वितरित, बैंकों को योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश

मंडी जिले में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय समावेशन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक में बैंकिंग योजनाओं और ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने उपायुक्त कार्यालय सभागार में की। बैठक में विभिन्न बैंकिंग योजनाओं, वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों और स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सभी बैंक इस दिशा में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करें।

ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने सभी बैंक अधिकारियों को ऋण वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वरोजगार योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से ऋण और अन्य वित्तीय सहायता पहुंचाना जरूरी है, ताकि लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके और स्वरोजगार को बढ़ावा मिले।

योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे

बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिले के समग्र आर्थिक विकास के लिए बैंक और विभिन्न सरकारी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है।

विद्यार्थी ऋण योजना के प्रचार पर जोर

उपायुक्त ने बैंक अधिकारियों से डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना सहित अन्य शिक्षा ऋण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में वित्तीय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े, इसके लिए शिक्षा ऋण योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए।

स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता

बैठक के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश

उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निगम तथा उद्योग विभाग से संबंधित लंबित मामलों को बैंक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र निपटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के आवेदन लंबे समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए और सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

आरसेटी के 12 प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 337 प्रतिभागी प्रशिक्षित

बैठक के दौरान ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक भी आयोजित की गई। जानकारी दी गई कि 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 के बीच आरसेटी द्वारा कुल 12 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 337 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आचार एवं मसाला निर्माण, सिलाई-कढ़ाई, मशरूम उत्पादन, जूट उत्पाद निर्माण, खिलौना निर्माण, मोमबत्ती निर्माण तथा मधुमक्खी पालन जैसे स्वरोजगार आधारित विषय शामिल रहे।

5,673.78 करोड़ रुपये का ऋण वितरण

अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्र प्रकाश ने तिमाही प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक ऋण योजना (Annual Credit Plan) के तहत 31 मार्च तक जिले में कुल 5,673.78 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए।

क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार:

  • कृषि क्षेत्र में: 2,218 करोड़ रुपये
  • उद्योग एवं व्यवसाय क्षेत्र में: 1,473.68 करोड़ रुपये
  • अन्य प्राथमिकता क्षेत्र में: 162.84 करोड़ रुपये
  • गैर-प्राथमिकता क्षेत्र में: 1,819.26 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से जिले में बैंकिंग गतिविधियों और ऋण वितरण की व्यापक पहुंच का पता चलता है।

विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहे लोग

बैठक में बताया गया कि जिले में प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा कृषि क्षेत्र और शिक्षा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।

डिजिटल फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी

भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी तरुण चौधरी ने बैंक अधिकारियों को रिजर्व बैंक की गाइडलाइन की जानकारी देते हुए लोगों को डिजिटल फ्रॉड के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए वित्तीय जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए। बैठक में डीडीएम नाबार्ड राकेश वर्मा ने वर्ष 2027-28 के लिए तैयार पोटेंशियल लिंक्ड क्रेडिट प्लान की जानकारी भी साझा की। बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रबंधकों और विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।